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पेसिफिक डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल देबारी में रिसर्च मेथडोलॉजी और बायोस्टैटिस्टिक्स पर दो दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का आयोजन

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25 Jul 26
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पेसिफिक डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल देबारी में रिसर्च मेथडोलॉजी और बायोस्टैटिस्टिक्स पर दो दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का आयोजन

उदयपुर : पैसिफिक डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, देबारी, उदयपुर में 24 और 25 जुलाई को रिसर्च मेथडोलॉजी और बायोस्टैटिस्टिक्स पर दो दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप का उद्देश्य उदयपुर के विभिन्न डेंटल कॉलेजों के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों के शोध कौशल और सांख्यिकीय ज्ञान को सुदृढ़ करना था। उद्घाटन समारोह में डॉ. ए. भगवंदास राय, प्राचार्य; डॉ. मोहित पाल सिंह, उप-प्राचार्य; डॉ. अदिती माथुर, वैज्ञानिक समन्वयक; डॉ. कैलाश असावा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग; तथा मुख्य वक्ता डॉ.
कादंबरी अम्बिलधोक, एसोसिएट प्रोफेसर, सिंहगड़ डेंटल कॉलेज, पुणे, महाराष्ट्र उपस्थित रहे।
डॉ. कादंबरी अम्बिलधोक, जो रिसर्च मेथडोलॉजी और बायोस्टैटिस्टिक्स की विशेषज्ञ हैं, ने राष्ट्रीय स्तर पर अनेक वर्कशॉप्स का संचालन किया है तथा वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को प्रशिक्षण देने में व्यापक अनुभव रखती हैं। वर्कशॉप में रिसर्च की मूलभूत अवधारणाओं को इंटरैक्टिव लेक्चर्स और हैंड्स-ऑन सत्रों के माध्यम से समझाया गया। प्रतिभागियों को साहित्य खोज, एक्सेल शीट्स की तैयारी एवं प्रबंधन, G*Power सॉफ्टवेयर द्वारा सैंपल साइज निर्धारण, परीक्षणों के चयन एवं अनुप्रयोग, बुनियादी सांख्यिकीय परीक्षणों तथा शोध एवं डेटा विश्लेषण के अन्य आवश्यक पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने व्यावहारिक अभ्यासों में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा सत्रों के दौरान अपनी शंकाओं एवं प्रश्नों का समाधान प्राप्त किया। इस वर्कशॉप ने स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को मूल्यवान ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान किए, जो न केवल उनके शोध प्रबंध (डिसर्टेशन) को पूर्ण करने में सहायक होंगे, बल्कि भविष्य में अपने-अपने क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध करने की मजबूत नींव भी प्रदान करेंगे। इस वर्कशॉप में उदयपुर के डेंटल कॉलेजों से कुल 60 स्नातकोत्तर विद्यार्थी एवं संकाय सदस्य शामिल हुए। प्रतिभागियों द्वारा इस वर्कशॉप की अत्यधिक सराहना की गई और यह सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जो दंत चिकित्सा में शोध-उन्मुख शिक्षण को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल के रूप में उभरी।


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