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ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ

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04 Feb 26
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ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ

श्रीगंगानगर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी पहल के तहत कृषकों, पशुपालकों एवं ग्रामीण नागरिकों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेशभर में प्रत्येक गिरदावर सर्किल स्तर पर ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अब तक प्रदेश के 1512 गिरदावर सर्किलों में प्रातः 10 से सायं 5 बजे तक आयोजित शिविरों का सफल आयोजन कर राज्य सरकार के 13 प्रमुख विभागों की योजनाओं, कार्यक्रमों एवं सेवाओं को एक ही मंच पर आमजन तक पहुँचाया गया है।
इन शिविरों में ग्रामीणों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के आवेदन-पत्र तैयार करवाने, पूर्व में दिये गए आवेदनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी, दस्तावेज़ सत्यापन एवं ऑन-द-स्पॉट मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। राज्य सरकार की मंशा है कि विकास की योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुँचे। इसी क्रम में द्वितीय चरण के शेष ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन 5 से 9 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है।
शिविरों के दौरान पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत अब तक 92 हजार पशुओं का पंजीकरण कर स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र जारी किए गए। इसके साथ ही क्लासिकल स्वाइन फीवर से बचाव हेतु 77 हजार से अधिक टीके, 5,352 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान, 26,400 से अधिक फर्टिलिटी किट का वितरण तथा 5 लाख 11 हजार पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा एवं कृमिनाशक औषधि पिलाई गई।
कृषि, उद्यानिकी एवं कृषि विपणन विभाग द्वारा 6 लाख 37 हजार से अधिक किसानों को एमएसपी की जानकारी दी गई, वहीं 7 लाख 42 हजार कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त 98 हजार से अधिक सॉयल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए, 2800 से अधिक ग्राम पंचायतों में पॉलीहाउस हेतु आवेदन तैयार किए गए तथा 2923 किसानों के मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायतार्थ योजनान्तर्गत प्रकरणों का निस्तारण किया गया। बस स्टैंड पर यात्री विश्राम सुविधा से वंचित ग्राम पंचायतों में 2938 किसान विश्राम स्थलों के निर्माण प्रस्ताव भी तैयार किए गए।
सहकारिता विभाग द्वारा 29,800 से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन प्राप्त किए गए तथा 3 लाख 77 हजार से अधिक किसानों को सहकारी ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही 2443 नए कस्टम हायरिंग सेंटर, 565 प्रोविजनल डेयरी सहकारी समितियों, 513 डेयरी सहकारी समितियों का पंजीयन एवं 683 सरस बूथों का आवंटन किया गया।

ग्रामीण विकास योजनाओं के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना में 31 हजार से अधिक सर्वे, 55,800 से अधिक स्वामित्व कार्डों का वितरण, 1008 अनुपयोगी विद्यालय भवनों में ग्राम पंचायत कार्यालय प्रारंभ किए गए। इसके अलावा 3857 वाटर यूजर एसोसिएशन सक्रिय की गईं, 14,737 युवा स्वरोजगार आवेदन, 14,430 फार्मर रजिस्ट्री, 28,908 पीएम सूर्य घर योजना एवं 1469 भू-खसरा विभाजन के आवेदन प्राप्त किए गए।
ग्राम उत्थान शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, जल संसाधन, उद्योग, ऊर्जा एवं राजस्व विभाग की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। अब तक आयोजित शिविरों में 13 लाख 91 हजार से अधिक कृषकों, पशुपालकों, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की, जिनमें 15,876 जनप्रतिनिधि शामिल हैं। महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए 4 लाख 12 हजार से अधिक महिलाएं तथा 9 लाख 17 हजार से अधिक पुरुष शिविरों में उपस्थित होकर योजनाओं की जानकारी व लाभ प्राप्त कर चुके हैं।
इसी क्रम में श्रीगंगानगर जिले में अब तक आयोजित शिविरों में 1489 किसानों को कृषि विभाग की तारबंदी के आवेदनों के वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। इसी तरह 2499 किसानों को डिग्गी के आवेदनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी, 390 को पाईप लाईन, 8622 को फसल बीमा योजना, 99 को बैलों से खेती योजना अंतर्गत प्रोत्साहन राशि के आवेदनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी, 10486 को समर्थन मूल्य की जानकारी, 11937 को कृषि योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही 15987 किसानों में मिनी किट वितरण का सत्यापन और 8231 में बीज वितरण का सत्यापन किया गया। शिविर में अन्य विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ 3916 सॉयल हैल्थ कार्ड का वितरण किया गया।
 उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग द्वारा फव्वारा, ड्रिप, प्लास्टिक मल्च इत्यादि योजनाओं की जानकारी दी गई। कृषि विपणन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना की जानकारी दी गई। सहकारिता विभाग द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि, गैर कृषि 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना, नए कस्टम हायरिंग सैटर के आवेदन तैयार करवाने की जानकारी दी गई। पशुपालन विभाग द्वारा 20420 पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा करते हुए कृमिनाशक औषधि पिलाई। उन्होंने बताया कि फीवर रोग टीकाकरण, 75 पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान व 868 फर्टीलिटी किट का भी वितरण किया गया। गौशाला विकास योजना की जानकारी दी गई।
 मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का प्रचार-प्रसार किया गया। ऊर्जा विभाग द्वारा पीएम सूर्यघर योजनान्तर्गत पंजीकरण व इसके साथ-साथ राजस्व विभाग ने 122 फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण किया गया। ऊर्जा विभाग द्वारा पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत 968 पंजीकरण, 14934 किसानों को वीबी-जीरामजी की जानकारी, 2842 में स्वामित्व कार्ड वितरण, नहरों व खालों की मरम्मत की आवश्यकताओं के 120 प्रकरणों का चिन्हिकरण, युवा स्वरोजगार योजना हेतु 69 आवेदन तैयार करवाये गये।
उल्लेखनीय है कि ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से आवेदन प्राप्ति, लंबित प्रकरणों की समीक्षा, पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण, प्रमाण-पत्र जारी करना, स्वास्थ्य व पशुपालन सेवाएं, सहकारी ऋण एवं बीमा प्रक्रियाएं तथा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार सभी आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कर योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण नागरिकों तक पहुँचाया जा रहा है। 


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