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विधायक श्री बराड़ ने विधानसभा में उठाया सार्दुल व करणी सिंह ब्रांच की रीलाइनिंग का मुद्दा

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04 Feb 26
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विधायक श्री बराड़ ने विधानसभा में उठाया सार्दुल व करणी सिंह ब्रांच की रीलाइनिंग का मुद्दा

श्रीगंगानगर। विधानसभा में सादुलशहर विधायक श्री गुरवीर सिंह बराड़ ने ध्यान आकर्षण के माध्यम से भाखड़ा सिंचाई प्रणाली की दो प्रमुख जीवनदायिनी नहरों- सार्दुल ब्रांच एवं करणी सिंह ब्रांच की अत्यंत जर्जर स्थिति तथा इनके शीघ्र रीलाइनिंग कराए जाने की आवश्यकता का मुद्दा प्रभावी रूप से उठाया। विधायक श्री बराड़ ने बताया कि वर्ष 1954-55 में निर्मित ये दोनों मुख्य वाहक नहरें पिछले सात दशकों से बिना रीलाइनिंग के संचालित हो रही हैं, जिसके कारण इनकी प्रवाह क्षमता में कमी आ चुकी है।
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि करणी सिंह ब्रांच की कुल लंबाई 16.35 किलोमीटर है, जिसकी डिज़ाइन प्रवाह क्षमता 469 क्यूसेक निर्धारित है, जबकि वर्तमान में इससे निकलने वाली 7 वितरिकाओं/माइनरों एवं पीएचईडी की कुल जल माँग 530 क्यूसेक से अधिक है। इसी प्रकार सार्दुल ब्रांच की कुल लंबाई 60.35 किलोमीटर है, जिसकी डिज़ाइन प्रवाह क्षमता 1250 क्यूसेक थी, जो वर्तमान में घटकर लगभग 1080 क्यूसेक रह गई है, जबकि इससे निकलने वाली 15 वितरिकाओं/माइनरों, मोघों एवं पीएचईडी की कुल जल माँग 1400 क्यूसेक से अधिक है।
विधायक गुरवीर सिंह बराड़ ने बताया कि सार्दुल ब्रांच से निकलने वाली प्रमुख वितरिकाएँ- भगतपुरा वितरिका, संगरिया वितरिका, नाथवाना वितरिका, रत्नपुरा वितरिका, मोरजण्ड वितरिका, मम्मड़खेड़ा वितरिका, नगराना वितरिका, लीलांवाली वितरिका, रोड़ावाली वितरिका, नवां वितरिका, जोड़कियाँ वितरिका, मोडिया वितरिका, सूरतगढ़ वितरिका, पीलीबंगा वितरिका एवं लोंगेवाला वितरिका तथा करणी सिंह ब्रांच से निकलने वाली वितरिकाएँ- हरिपुरा वितरिका, सूरतपुरा वितरिका, दीनगढ़ वितरिका, भाखड़ावाली वितरिका, अमरपुरा वितरिका, प्रतापपुरा वितरिका एवं करणी सिंह वितरिका से जुड़े क्षेत्रों में सिंचाई की निर्भरता पूरी तरह भाखड़ा नहर प्रणाली पर है।
उन्होंने बताया कि इन दोनों शाखाओं का संयुक्त सीसीए लगभग 2,33,860 हेक्टेयर है, जिसमें करीब 5,42,800 किसान कृषि कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में नहरों की जर्जर स्थिति, अत्यधिक जल छीजत एवं क्षमता में कमी के कारण अंतिम छोर के किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। साथ ही वर्षा ऋतु में नहरों के ओवरफ्लो होने से खड़ी फसलों एवं समीपवर्ती आबादी को नुकसान पहुँचने की आशंका भी बनी रहती है।
विधायक श्री गुरवीर सिंह बराड़ ने यह भी उल्लेख किया कि यद्यपि पूर्व में विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत इन शाखाओं से निकलने वाली कुछ वितरिकाओं का पुनरुद्धार किया गया है एंव 6 वितरिकाओं के पुनरुद्धार टेंडर स्तर पर प्रकियाधीन है। परंतु मुख्य वाहक नहरों-सार्दुल ब्रांच एवं करणी सिंह ब्रांच की रीलाइनिंग वर्ष 1955 के बाद आज तक नहीं कराई गई, जो वर्तमान समस्याओं का मुख्य कारण है।
उन्होंने सरकार से माँग की कि भाखड़ा सिंचाई प्रणाली की इन दोनों प्रमुख शाखाओं की शीघ्र रीलाइनिंग कराई जाए, ताकि नहरों की डिज़ाइन प्रवाह क्षमता पुनर्स्थापित हो, जल छीजत पर प्रभावी नियंत्रण हो तथा अंतिम छोर तक किसानों को अधिकृत सिंचाई जल उपलब्ध हो सके। विधायक श्री बराड़ कि यदि यह माँग पूरी होती है, तो सादुलशहर, सूरतगढ़, पीलीबंगा, हनुमानगढ़ एवं संगरिया विधानसभा के लाखों किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे, जिससे फसल उत्पादकता बढ़ेगी और क्षेत्र की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को स्थायित्व प्राप्त होगा। 


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