श्रीगंगानगर। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री निहालचंद ने रविवार को सूरतगढ़ रोड स्थित भाजपा कार्यालय में व्यापारियों, उद्यमियों एवं नागरिकों की बैठक लेकर केंद्रीय बजट 2026 की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट युवाओं, किसानों, अनुसूचित जाति वर्ग और महिलाओं को आगे बढाते हुए 2047 तक विकसित भारत के रोड मैप को तैयार करने वाला है।
उन्होंने जानकारी दी कि केंद्रीय बजट में कैंसर और डायबिटीज की गंभीर बीमारियों के लिए उपयोग होने वाली 17 लाइफ सेविंग दवाएं सस्ती की गई है। इसके अलावा मोबाइल, रोजमर्रा की वस्तुएं व इलेक्ट्रिकल व्हीकल भी सस्ते किए गए हैं।
इस बजट में ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए 2.73 लाख करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। कृषि व स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी ध्यान दिया गया है। शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में 15000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स और 10000 टूरिस्ट गाइड के कौशल विकास की योजना है। मैन्युफैक्चरिंग और दवाओं का ग्लोबल हब बनेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया है। छोटे और मध्यम उद्योगों का खास ध्यान रखा गया है। एमएसएमई के विजन और 10000 करोड़ को ग्रोथ फंड घोषित किया गया है। कृषि में ज्यादा आमदनी वाली फसलों पर जोर दिया गया है। आयकर में कोई बदलाव नहीं करते हुए रिटर्न की समय सीमा बढ़ाई गई है। कृषि के साथ-साथ मछली पालन, पशुपालन और ज्यादा आमदनी वाली खेती पर जोर दिया गया है। प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल का निर्माण होगा। बजट में 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा गया है। टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस किया गया है। छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए 10000 करोड रुपए के समर्पित कोष की घोषणा की गई है, जो उद्यमियों के लिए लाभदायक रहेगी। वित्त वर्ष 2027 के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड रुपए कर दिया गया है। बजट में महात्मा गांधी ग्राम स्वराज की पहल की गई है। अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए लगभग 6360 करोड रुपए का बजट पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत 2140 करोड रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए गए हैं। समावेशी विकास की नीति के तहत बजट सबका साथ सबका विकास के सिद्धांत पर आधारित है।
केंद्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए 106400 करोड रुपए की राशि का बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि गरीब व अनुसूचित जाति के अलावा व्यापारियों, किसानों, महिलाओं व युवाओं के लिए कल्याणकारी बजट है।
इस अवसर पर श्री शरणपाल सिंह, श्री प्रदीप धेरड, श्री सुरेन्द्र गोदारा, श्री तरसेम गुप्ता, श्री संजय महिपाल, श्री रमजान अली चौपदार, श्री सुभाष गुप्ता, श्री नरेश सेतिया, श्री संजय मुंदडा, श्री धरमवीर डूडेजा, श्रीमती कंचन नायक, श्री श्याम धारीवाल, निरमा नायक, श्री शिव भगवान, श्री मदन मेव, क्रांति चुघ, श्री लक्की दावडा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।