श्रीगंगानगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीगंगानगर के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर शुक्रवार को टांटिया यूनिवर्सिटी, श्रीगंगानगर में विधि संकाय के संयुक्त तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री सुथार ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि न्याय की अवधारणा बहुत व्यापक है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य स्तर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व जिला स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीगंगानगर महत्वूपर्ण योगदान दे रहा है। आम आदमी को हमेशा अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। हमें विचार करना होगा कि हमारी दशा और दिशा क्या होनी चाहिए। इसी क्रम में उपस्थित विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना, राष्ट्रीय लोक अदालत, एन.आई एक्ट के प्रकरणों की विशेष लोक अदालत व माननीय उच्चतम न्यायालय, दिल्ली द्वारा संचालित समाधान समारोह आदि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई तथा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए नशे से दूर रहने की सलाह दी गई।
शिविर के दौरान सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेश शर्मा ने बताया कि सामाजिक सहभागिता से अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। आमजन को अपने आस-पास होने वाली गतिविधियों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने साइबर अपराध के बारे में बताया और कहा कि आपकी सजगता ही रोज होने वाली घटनाओं से आपको बचा सकती है। शिविर के दौरान अंत में विधि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. सौरभ गर्ग ने विधिक सेवा क्लिनिक के बारे में विस्तार से बताते हुए उपस्थित जन का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर चीफ एलएडीसी श्री रोहताश यादव व एलएडीसी श्री अमन चलाना, उप-प्रार्चाय डॉ. रेखा सोनी, श्री राजकुमार जैन, श्री हिमांशु खटक, श्री अशोक बब्बर व डॉ. कृष्ण कुमार आशु उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन सहायक आचार्य अनामिका खुराना ने किया।