श्रीगंगानगर। राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष श्री सी.आर. चैधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को नई धान मंडी स्थित ट्रेडर्स एसोसिएशन भवन में कृषक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के प्रगतिशील किसानों, जनप्रतिनिधियों तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. सतीश कुमार शर्मा ने अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए जिले में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न अनुदान एवं किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष श्री सी.आर. चैधरी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को अन्तर्राष्ट्रीय महिला किसान के रूप में मनाया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से जल संरक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने तथा विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा दिए गए सभी सुझावों एवं मांगों पर सकारात्मक विचार कर उन्हें राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा। साथ ही पात्र किसानों को डिग्गी निर्माण से संबंधित लंबित अनुदान राशि शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
उन्होंने कहा कि कृषक संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करना है। कार्यक्रम में किसानों द्वारा सिंचाई जलए फसल बीमा, डिग्गी निर्माण, फार्म पॉण्ड, तारबंदी, जैविक खेती, कृषि ऋण, कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना, उर्वरक उपलब्धता तथा अन्य कृषि संबंधी विषयों पर दिए गए सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री बलवीर लूथरा ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर बल दिया। श्री शरणपाल सिंह मान ने गंग नहर में सिंचाई जल की उपलब्धता बढ़ाने की मांग रखी। श्री सतपाल कासनियां ने डिग्गी, फार्म पॉण्ड एवं तारबंदी के लक्ष्य तथा अनुदान राशि बढ़ाने का सुझाव दिया।
डॉ. बृजमोहन सहारण ने पंजाब से गंग नहर में आ रहे दूषित जल और उसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से अवगत कराया। श्री आत्माराम तरड़ ने किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए।
संवाद कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों ने भी विभिन्न सुझाव रखे। अनुपगढ़ के श्री जसवंत सिंह ने जिले में कपास उत्कृष्टता केंद्र एवं कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने, उर्वरक उपलब्धता और सिंचाई जल की समस्या का समाधान करने की मांग की। श्री गिरधारी लाल गेदर एवं श्रीमती उर्मिला धारणिया ने जैविक खेती को बढ़ावा देने, ग्रीन हाउस एवं जैविक खेती पर अनुदान बढ़ाने का सुझाव दिया। श्री राधेश्याम रतिवाल ने ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से फसल खरीद की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। श्री शिवप्रकाश सहारण ने ड्रिप सिंचाई पर अनुदान बढ़ाने तथा ग्राम स्तर पर मिट्टी परीक्षण सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। श्री मुकेश कुमार ने सिंचाई जल की चोरी रोकने तथा जर्जर पक्के खालों के पुनर्निर्माण की आवश्यकता बताई। श्री पृथ्वीराज स्वामी ने राजियासर में नवीन कृषि उपज मंडी की स्थापना एवं पंचायत समिति गठन के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर श्री प्रदीप धेरड़, श्रीमती चेष्टा सरदाना, श्री महेश पेडीवाल, श्री भूपेन्द्र आहूजा, श्री सत्यप्रकाश खेमका, श्री हनुमान गोयल, श्री श्याम धारीवाल सहित अन्य मौजूद रहे। अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) श्री हरबंश सिंह ने सभी अतिथियों, किसानों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक उद्यान श्री प्रदीप शर्मा एवं सहायक कृषि अधिकारी श्री ताराचंद लिम्बा ने किया।