मशहूर गजल गायक डॉ देवेंद्र हिरण की मधुर आवाज में हर दिल अज़ीज़ ग़ज़लें सुन मंत्रमुग्ध हुए मुस्कान क्लब के 300 सदस्य। ओरिएंटल पैलेस की इनारा हाल में त्रैमासिक विशेष अंतर्गत आयोजित इस भव्य महफ़िल- ए- ग़ज़ल में डॉ हिरण ने "होठों से छू लो तुम" के साथ राजस्थान के सु प्रसिद्ध मांड "केसरिया बालम" का मिश्रण करके अपनी बेमिसाल गायकी का परिचय दिया। इसके अलावा राहत इन्दौरी की ग़ज़ल- केवल तस्वीर , सुना था वो आयेंगे, सरकती जाये है, मेंहदी हसन की गाई मशहूर ग़ज़ल "रंजिश ही सही", रफ़्ता रफ़्ता, प्यार का पहला खत, हंगामा है क्यों बरपा गाकर उपस्थितियों को झूमने को विवश कर दिया।

अपनी पसंदीदा ग़ज़लों के साथ-साथ श्रोताओं की फ़रमाइश को भी गाकर इज्ज़त बख़्शी। तबले और सारंगी की संगत के बग़ैर ग़ज़ल गायकी की कल्पना भी असम्भव है। दोनों ही कलाकारों विजय कुमार धांधडा (सारंगी), हर्षवर्धन धांधडा (तबला) ने बेहतरीन संगत देकर कार्यक्रम को बुलंदियों तक पहुंचाया।
मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीमती कौशल्या जी ने कहा कि गट्टानी और हिरण परिवार के संबंध बहुत पुराने और प्रगाढ़ रहे है। डॉ हिरन की गायिकी से प्रभावित होते हुए उन्हें मुस्कान क्लब के स्थापना दिवस पर भी आमंत्रित करने की संस्तुति दी गई। उन्होंने सभी कलाकारों का सम्मान कर स्मृति चिन्ह भेंट कर बुलन्दियों को छूने का स्नेहिल आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम का प्रारंभ गणपति वंदना से हुआ व के के त्रिपाठी द्वारा डॉ हिरण का संक्षिप्त परिचय देते हुए,उनकी प्रस्तुति हेतु आमंत्रित किया। अंत में एम पी माथुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करने के बाद राष्ट्रगान एवं अल्पाहार के साथ ही कार्यक्रम को विराम दिया गया।