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उदयपुर जिले में यूरिया उर्वरक की रिकॉर्ड आपूर्ति

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06 Jan 26
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किसानों से संयम रखने की अपील

उदयपुर। उदयपुर जिले में रबी मौसम 2025-26 के दौरान किसानों द्वारा फसलों की बुवाई का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस वर्ष जिले में बुवाई का कुल रकबा लक्ष्य से भी अधिक रहा है। निर्धारित 1,36,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 1,40,295 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल बुवाईदर्ज की गई है, जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक प्रगति का संकेत है।

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) सुधीर वर्मा ने बताया कि जिले में सर्वाधिक 91,210 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई है। इसके अतिरिक्त चना फसल 21,410 हेक्टेयर, सरसों 11,320 हेक्टेयर तथा जौ 10,250 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई गई है। बुवाई का कार्य पूर्ण होने के साथ ही अब फसलों की बढ़वार एवं संतुलित पोषण के लिये यूरिया उर्वरक की मांग निरंतर बनी हुई है।

अक्टूबर से निरंतर जारी है यूरिया आपूर्ति
श्री वर्मा ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में यूरिया उर्वरक की आपूर्ति माह अक्टूबर 2025 से लगातार की जा रही है। सहकारी एवं निजी क्षेत्र के अधिकृत प्राधिकार पत्र प्राप्त संस्थानों पर रेलमार्ग एवं सड़क मार्ग से यूरिया का नियमित परिवहन एवं विक्रय सुचारू रूप से संचालित है।

मांग से अधिक हुई अब तक आपूर्ति
रबी मौसम के दौरान अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 की अवधि में उदयपुर जिले में यूरिया की कुल मांग 23,600 मेट्रिक टन आंकी गई थी। इसके विरुद्ध अब तक 27,780 मेट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति की जा चुकी है, जो मांग से लगभग 4,000 टन अधिक है। विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूरे जनवरी माह में यूरिया उर्वरक की आपूर्ति आगे भी जारी रहेगी, जिससे उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

किसानों से अपील
कृषि विभाग ने जिले के समस्त किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रम से प्रभावित होकर यूरिया का अनावश्यक भंडारण न करें। संयम बनाये रखते हुए जरूरत के अनुसार ही उर्वरक का उपयोग करें। सरसों फसल में यूरिया छिड़काव का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में गेहूं फसल में द्वितीय छिड़काव का दौर चल रहा है।

कृषि कार्मिकों की मौजूदगी में हो रहा विक्रय
श्री वर्मा ने बताया कि पारदर्शिता एवं व्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिये जिले में यूरिया उर्वरक का विक्रय संबंधित कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी की उपस्थिति में ही किया जा रहा है। इससे किसानों को निर्धारित दर पर यूरिया उपलब्ध हो रहा है और कालाबाजारी की संभावना समाप्त हो गई है।

नियम विरुद्ध व्यवसाय पर सख्त कार्रवाई
अनियमित यूरिया विक्रय पर रोक लगाने हेतु कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम प्रभारी के संपर्क नंबर 7740804440 पर प्राप्त शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। अब तक की गई कार्रवाई के तहत 5 विक्रेताओं के प्राधिकार पत्र निरस्त, 9 प्रकरणों में निलंबन तथा 3 मामलों में पुलिस प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे भी यह सख्त प्रक्रिया जारी रहेगी, ताकि कृषकों को सुगमता से उचित मूल्य पर यूरिया प्राप्त हो सके।


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