GMCH STORIES

उदयपुर बनेगा औद्योगिक महाकुंभ का केंद्र, 20 मार्च से शुरू होगा राजस्थान इंडस्ट्रियल ट्रेड एक्सपो ‘राइटेक्स’

( Read 2150 Times)

07 Jan 26
Share |
Print This Page

उदयपुर बनेगा औद्योगिक महाकुंभ का केंद्र, 20 मार्च से शुरू होगा राजस्थान इंडस्ट्रियल ट्रेड एक्सपो ‘राइटेक्स’

उदयपुर। राजस्थान के औद्योगिक, व्यापारिक और निवेश परिदृश्य में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और इवेन्शन के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थान इंडस्ट्रियल ट्रेड एक्सपो ‘राइटेक्स–2026’ का दूसरा संस्करण 20, 21 और 22 मार्च 2026 को बी.एन. कॉलेज ग्राउंड, उदयपुर में आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शनी प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायं 8 बजे तक चलेगी और प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा।

इस तीन दिवसीय औद्योगिक महाकुंभ में 200 से अधिक स्टॉल्स, 30 हजार से अधिक आगंतुकों की सहभागिता तथा एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष व्यापार सृजन की प्रबल संभावनाएं जताई गई हैं।

राइटेक्स को लेकर बुधवार को 100 फीट रोड, शोभागापुरा स्थित अशोका पैलेस में आयोजित प्रेसवार्ता में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वरिष्ठ कार्यकारी सदस्य एवं उदयपुर संभाग संयोजक मुकेश माधवानी ने सभी का स्वागत करते हुए आयोजन की विस्तृत जानकारी दी।

उद्योग, व्यापार और निवेश का सशक्त मंच

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के रेजिडेंट डायरेक्टर आर.के. गुप्ता ने बताया कि राजस्थान इंडस्ट्रियल ट्रेड एक्सपो केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उद्योग, व्यापार, निवेश, तकनीक, नवाचार और नीति के समन्वय का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से उदयपुर, मेवाड़ अंचल और पूरे राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

उन्होंने बताया कि राजस्थान ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, स्टोन्स, माइनिंग, इंजीनियरिंग, कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, आभूषण, हस्तशिल्प, फर्नीचर, निर्माण सामग्री, फार्मा, खेल सामग्री, खिलौने और कुटीर उद्योग जैसे अनेक क्षेत्रों में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। निवेश अनुकूल नीतियां, कुशल मानव संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी राज्य को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती हैं।

पड़ोसी राज्यों से भी आएंगे प्रदर्शक

इवेन्शन के निदेशक पियूष खोवाल ने बताया कि राइटेक्स उदयपुर और दक्षिणी राजस्थान के लिए व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इसमें मध्यप्रदेश, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित कई राज्यों के प्रदर्शक भाग लेंगे।

एक्सपो में स्टोन्स, हस्तशिल्प, खनन एवं खनिज, मशीनरी, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा, वस्त्र, फैशन, होम डेकोर, इलेक्ट्रिकल, होरेका उत्पाद, निर्माण सामग्री, पर्यटन, खेल सामग्री, खिलौने, रत्न एवं आभूषण, आयुष, लकड़ी एवं फर्नीचर, एक जिला एक उत्पाद (ODOP) तथा स्वयंसेवी संस्थाओं व कुटीर उद्योगों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।

पर्यटन के साथ उद्योग की भी पहचान

आर.के. गुप्ता ने कहा कि उदयपुर केवल झीलों और पर्यटन की नगरी नहीं है, बल्कि यह खनिज संपदा, पत्थर उद्योग, हस्तशिल्प, हैंडलूम, आभूषण निर्माण, फर्नीचर उद्योग और सूक्ष्म व लघु उद्योगों का भी बड़ा केंद्र है। उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जैसे जिले इस क्षेत्र को औद्योगिक दृष्टि से मजबूत बनाते हैं।

200 से अधिक स्टॉल, 30 हजार आगंतुक

उन्होंने बताया कि राइटेक्स 2026 में करीब 200 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे और लगभग 30 हजार से अधिक आगंतुकों के आने की संभावना है। इसके साथ ही करीब 50 विदेशी प्रतिनिधि भी आयोजन में शामिल हो सकते हैं। यह एक्सपो बी2बी, बी2सी और बी2जी संवाद का बड़ा मंच बनेगा, जहां ऑन-द-स्पॉट व्यापारिक समझौते, डीलरशिप, निर्यात ऑर्डर और निवेश वार्ताएं होंगी।

स्थानीय उद्योगों को मिलेगा बड़ा लाभ

स्टोन्स और माइनिंग सेक्टर, जो मेवाड़ क्षेत्र की औद्योगिक रीढ़ है, को नए खरीदार और निर्यात बाजार मिलेंगे। हस्तशिल्प और हैंडलूम से जुड़े कारीगरों को सीधे बाजार से जोड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और पारंपरिक कलाओं का संरक्षण होगा। आभूषण, पर्यटन, होटल और खानपान उद्योगों को भी नए निवेश और साझेदारी के अवसर प्राप्त होंगे।

किसानों, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों पर विशेष फोकस

एक्सपो में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और ODOP आधारित उत्पादों को विशेष स्थान दिया जाएगा। इससे किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग, निर्माण और फर्नीचर जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलेगा।

तकनीकी सत्र भी होंगे आयोजित

राइटेक्स के दौरान तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ODOP आधारित व्यापारिक अवसर, जीआई टैगिंग, जीएसटी, उदयपुर में निवेश संभावनाएं और उदयपुर को फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

अंतरराज्यीय औद्योगिक नेटवर्किंग का केंद्र बनेगा उदयपुर

आर.के. गुप्ता ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से उदयपुर को अंतरराज्यीय औद्योगिक नेटवर्किंग केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आयुष और आयुर्वेद पर्यटन, स्टार्टअप्स और कौशल विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि युवाओं का पलायन रुके और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो।

पहले संस्करण की सफलता से बढ़ा उत्साह

उन्होंने बताया कि राइटेक्स का पहला संस्करण भी उदयपुर में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ था। उसी सफलता के आधार पर दूसरा संस्करण और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसके दीर्घकालिक प्रभाव के रूप में नए उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

विकसित राजस्थान के संकल्प में भागीदार बनेगा राइटेक्स

आर.के. गुप्ता ने कहा कि राजस्थान सरकार का लक्ष्य राज्य को 2029 तक 350 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। राइटेक्स जैसे आयोजन इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राजस्थान इंडस्ट्रियल ट्रेड एक्सपो 2026 उदयपुर को पर्यटन के साथ-साथ एक मजबूत औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like