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नशा परिवार का अंत, जल है तो कल है

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17 Jan 26
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नशा परिवार का अंत, जल है तो कल है

आज यहां पेसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज ,उमरडा में नेशनल यूथ वीक के अंतर्गत वरिष्ठ चिकित्सक जल मित्र एवं नशा मुक्ति प्रेरक डॉ पी सी जैन द्वारा" नशा परिवार का अंत" नामक नाटिका का मंचन किया गया।

नशा परिवार का अंत में सबसे पहले दादा का अंत शराब के कारण लिवर सिरोसिस से हो जाता है। दूसरी पीढ़ी में दोनों बेटों का अंत शराब गुटका और तंबाकू से उत्पन्न कैंसर से हो जाता है। तीसरी पीढ़ी में तलाक गांजे और शराब के कारण होता है। अंत में तीसरी पीढ़ी के दोनों बच्चे आपस में लड़ते हुए अपनी प्रिय दादी को धक्के मार कर घर से बाहर निकाल देते हैं। ईस प्रकार एक प्रतिष्ठित परिवार का नशे के कारण अंत हो जाता है।

कार्यक्रम का प्रारंभ सरस्वती पूजन के साथ हुआ और उसके बाद में जल पूजन किया गया जिसमें जल देव की आरती "ओम जय जल देव हरे पीड़ित जन का संकट जल्दी दूर करें" को को सामूहिक रूप से गया गया।

कितने टीडीएस का जल पीना चाहिए यह डॉक्टर पी सी जैन ने विद्यार्थियों द्वारा ले गए पानी की जांच करके बताया। कम टीडीएस का पानी पीने से हड्डियों की बीमारी, कैंसर डायबिटीज इत्यादि भी हो सकती है। टीडीएस 250 से 350 के बीच होना चाहिए।

नशा स्त्री के लिए अधिक घातक क्यों

डॉ पी सी जैन द्वारा बनाई गई तुलनात्मक पीपीटी जो स्त्री पुरुष में शराब और तंबाकू के प्रभाव को दर्शाती है उसको नाटिका के रूप में छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कर ऐन ऐस एस के वॉलिंटियर्स को बताया। उजल ने बताया कि। डेट रैप ड्रग्स जैसे रोफिनोल  इत्यादि का उपयोग भी शराब के नशे में किए जाने पर भी उसका भी फल लड़की को भुगतना पड़ता है।छात्रा उजल ने  प्रभावी तरह से सभी को यह संदेश दिया कि हर परिस्थिति में नशा स्त्री के लिए पुरुष की तुलना में अधिक घातक है।

स्क्रीन एडिक्शन पर सच्ची घटना को बताते हुए डॉ पी सी जैन ने इसकी वजह से एक युवा को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा और वह मानसिक रोगी बन गया। इसलिए दिन में और सोने से पूर्व "डिजिटल फास्टिंग" अवश्य करना चाहिए। उन्होंने वालंटियर से कहा कि वे समाज में "नशा एक रोग है और इसका इलाज संभव है।" यह संदेश बराबर देते रहें। हम युवा पीढ़ी को नशे से बचाकर देश को समृद्ध बना सकते हैं।

नशे की जांच

अब मूत्र परीक्षण द्वारा तंबाकू, गांजा, अफीम, स्मैक, गुटका, कफ सिरप, इत्यादि ड्रग का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने ब्रेथ एनालाइजर द्वारा शराब का पता कैसे लगाया जा सकता है यह प्रत्यक्ष करके बताया।

सभी मेडिकल छात्रों को नेशनल मेंटल हेल्थ इंस्टिट्यूट बेंगलुरु के द्वारा बनाए गए नशे के पता एवं इलाज हेतु एप "  एडिक्शन आरएक्स" को डाउनलोड करवाया और उसे कैसे नशा मुक्ति अभियान में काम में ले सकते हैं इसकी जानकारी दी,।

जल संरक्षण हेतु प्रतिदिन एवं वर्षा जल को भूमि जल में बचाने की जानकारी भी दी। इस हेतु स्वरचित जल गीत एवं जल नृत्य का प्रदर्शन भी किया।

कार्यक्रम में हिमांक जैन, सानिया अखानी, तेजस कर, जादव प्राची, क्रिश बामन, उजल चौधरी, फ़िज़ा मलिक, नीर मोदी और वंश कुशवाहा, मेडिकल स्टूडेंट्स ने अभिनय किया ।

डॉक्टर पी सी जैन का परिचय ऐन ऐस एस, कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर अवंतिका गुप्ता ने दिया। प्रोग्राम में साईं तिरूपति विश्वविद्यालय में प्रवेश, 10 कॉलेज के एनएसएस स्वयंसेवक और उनके इकाई प्रभारी प्रस्तुत थे। साथ ही पीआईएमएस कॉलेज के अन्य शिक्षक और स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


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