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उदयपुर शहर को वाय श्रेणी का दर्जा दिलवाने का मुद्दा आया, रेल विस्तार के भी सुझाव आए

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15 Jan 26
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उदयपुर शहर को वाय श्रेणी का दर्जा दिलवाने का मुद्दा आया, रेल विस्तार के भी सुझाव आए


उदयपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने गुरुवार को जिला परिषद स्थित सांसद कार्यालय में जनसुनवाई की, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों, संगठनों व प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर परिवेदनाएं दी। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां सडक, स्कूल कक्ष निर्माण, रास्ता खुलवाने तथा आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाने को लेकर मांग की गई, वहीं शहरी क्षेत्र में शहर की बडी समस्याओं और लंबित मुद्दों पर भी ध्यान आकृष्ट किया गया। निगम और यूडीए से जुडी कई समस्याओं को सांसद से मौके पर निवारण कर दिया।




सांसद डॉ रावत की जनसुनवाई में राजस्थान निजी सहायक संवर्ग महासंघ ने उदयपुर शहर को वाय श्रेणी बी-टू का दर्जा दिलवाने की मांग रखी। जिलाध्यक्ष चंद्रेश जैन व प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्तमान में राज्य कर्मचारियों को देय मकान किराया भत्ता की श्रेणियों में उदयपुर शहर को जेड श्रेणी में शामिल कर रखा है, जिसके तहत मकान किराया भत्ता 10 प्रतिशत प्राप्त हो रहा है। जबकि उदयपुर पर्यटन सिटी होने के कारण मकान किराया काफी अधिक है। साथ ही उदयपुर शहर सीमा में 46 गांव शामिल किए गए हैं तथा निगम के वार्डों की संख्या भी बढकर 80 हो गई है, जिससे शहरी जनसंख्या भी 5 लाख, 73 हजार 585 हो चुकी है। इसके आधार पर शहर को वाय श्रेणी का दर्जा का दिलवाने की मांग की गई।
जनसुनवाई में उदयपुर के लिए रेल विस्तार की भी मांग की गई। स्थानीय नागरिक श्याम प्रकाश मेहता ने मुंबई, पूना, बैंग्लोर, चैन्नई, हैदराबाद से अहमदाबाद होकर उदयपुर सीधी रेल सेवा शुरु करने का सुझाव दिया गया। इसके साथ ही मुंबई सेन्टल से सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, डूंगरपुर, उदयपुर, नाथद्वारा तक सीधी रेल सेवा का भी सुझाव दिया गया।
नगर निगम की निर्माण समिति के निवर्तमान अध्यक्ष आशीष कोठारी ने जडाव नर्सरी से गीतांजलि हाइवे को जोडने वाली आवासन मंडल की सडक को लेकर परिवाद दिया गया जिसमें शेष सडक का काम पूरा करवाने तथा रेलवे द्वारा ब्रिज या अंडरपास निर्माण का कार्य भी जल्दी करवाने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया। बताया कि इससे 50 हजार लोगों को रोजाना आवागमन में सुगमता होगी।
साईं विहार सेवा समिति के अध्यक्ष प्रेमसिंह चौहान व प्रतिनिधिमंडल ने तितरडी में स्थित कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं को लेकर आग्रह किया। महिला मंडल की ओर से दिए गए ज्ञापन में उदयपुर जिले में अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास खोलने की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की गई। साथ ही महिला मंडल, उदयपुर द्वारा संचालित कस्तुरबा आदिवासी कन्या छात्रावास में स्वीकृत संख्या बढाने की मांग की गई। राजस्थान दिव्यांग उत्थान समिति की ओर से दिए गए पत्र में विशेष योग्यजनों  को पंचायती राज से लेकर विधानसभा तक 4 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग की गई। सांवलिया विहार कॉलोनी के प्रतिनिधिमंडल ने कॉलोनी में वैकल्पिक सडक निकालने की मांग की, क्योंकि वर्तमान मार्ग संकडा होने से न तो दमकल वाहन आ सकता है और न कचरा गाडी आ रही है।
ग्रामीण्स क्षेत्रों के लिए भी कई सारी परिवेदनाएं आईं। ग्रामीणों ने प्रतापगढ, बडीसादडी व धरियावद क्षेत्र की बंद पडी रोडवेज बसों को पुनः शुरु करवाने की मांग की। भुवाणा ग्राम पंचायत में फर्जी पट्टों को लेकर शिकायत की गई और भूमाफियाओं के खिलाफ जांच की मांग की गई। जिला परिषद नेता प्रतिपक्ष मणिबेन पटेल ने ऋषभदेव की ग्राम पंचायत पादेडी में विभिन्न लंबित कार्यों को लेकर परिवेदना दी गई। इनमें पीएचसी पादेडी की जर्जर इमारत के निर्माण के लिए फंड जारी करवाने, हाथिया तालाब की कच्ची नहरों को पक्का करवाने तथा हाथिया तालाब में लगे बिजली के पोल हटाकर मुख्य मार्ग पर किनारे लगाने की मांग की गई। नयागांव तहसील के गांव रेटडा के ग्रामीणों ने सांसद मद से सामुदायिक भवन निर्माण की मांग की। भाजयुमो कनबई मंडल के अध्यक्ष कालूराम मालवीय ने राउप्रा विद्यालय भाणवा का नया भवन निर्माण स्वीकृत करवाने की मांग की। खेमली के निशांत शर्मा व ग्रामीणों नेखेमली स्टेशन पर अंडरग्राउंड व ओवरब्रिज क्रॉसिंग नहीं होने से आमजनों को हो रही परेशानी के बारे में ज्ञापन दिया। 


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