उदयपुर । संस्कृत भाषा को जन-जन तक पहुँचाने और उसे व्यवहार की जीवंत भाषा बनाने के उद्देश्य से संस्कृत भारती द्वारा उदयपुर महानगर में चल रहे 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर में बच्चे उत्साह से संस्कृत लिखना सीखने के साथ संस्कृत में वार्तालाप सीख रहे हैं।
यहां राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, देवाली में 8 जनवरी से चल रहे शिविर में 9वीं एवं 10वीं के कुल 38 छात्र-छात्राएं सहभागिता कर रहे हैं। शिविर के आठवें दिन शुक्रवार को विद्यार्थी संस्कृत के मूल शब्दों के आधार पर दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाले सरल वाक्यों जैसे “भवतः नाम किम्?”, “मम नाम…”, “अहं विद्यालयं गच्छामि”, “अद्य दिनचर्या” आदि का संस्कृत में प्रयोग, अनुवाद एवं संवाद अभ्यास कर रहे हैं।
विद्यालय के प्राचार्य दुष्यंत कुमार नागदा ने बताया कि संस्कृत भारती की शिक्षण पद्धति के अनुसार शिविर में खेल-खेल में, हाव-भाव एवं सरल शब्दों के माध्यम से संस्कृत सिखाई जा रही है। प्रतिदिन दो घंटे के अभ्यास में मूल शब्दावली, संख्याएं एक से सौ तक, अव्यय जैसे ‘यत्र’, ‘तत्र’, ‘अत्र’, ‘कथम्’, सरल क्रियाएँ ‘अस्ति’, ‘गच्छति’ तथा प्रश्न-उत्तर एवं संवाद अभ्यास पर विशेष बल दिया जा रहा है।
शिविर की शुरुआत संस्कृत गीतों और नमस्कार जैसे सामान्य अभिवादन से होती है। पूरी कक्षा संस्कृत माध्यम में संचालित होती है, जिससे विद्यार्थी बिना किसी पूर्व ज्ञान के भी संस्कृत में सोचने और बोलने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।