उदयपुर। विश्व के चार महाद्वीपों के सर्वोच्च पर्वत शिखरो पर भारतीय ध्वज फहराने वाली युवा पर्वतारोही मनस्वी अग्रवाल का इस सफलता के बाद पहली बार अपने गृह नगर उदयपुर आने पर राजस्थान विद्यापीठ के संघटक लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में बुधवार को पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
सम्मान समारोह के साथ साथ युवाओं और विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र में मेहनत, सफलता-असफलता के पक्षों पर विचार और अपने अभिभाव साझा किये। समारोह में मनस्वी ने अपनी उपलब्धियों के बारे में विचार साझा करते हुए बताया कि व्यक्ति को उसके प्रयास ,मेहनत और जज्बा आपको असाधारण बना देता है।
उन्होंने कहा कि दिक्कते उतनी ही बड़ी होती है जितनी आप उनको बड़ा बनाते है। परेशानिया और समस्याओं के बाद सफलता की चमक ही सभी असफलताओं का वो जवाब है जो आपको फिर से नया करने ,आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने मनस्वी अग्रवाल को विश्वविद्यालय परिवार की ओर से बधाई देते हुए कहा कि अग्रवाल ने मेवाड़ का नाम देश ही नही, पूरे विश्व में रोशन किया है। आज हमारी बेटिया अपनी काबिलियत की बदौलत पुरूषों से कही आगे निकल गई, यहॉ तक की सेना में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा ली है, बेटिया आज के दौर में परिवारजनों का गुरूर है, उनकी ताकत बन चुकी है। आज पूरा परिवार एक बेटी पर विश्वास करता है।
प्रारंभ में प्राचार्य प्रो. सरोज गर्ग ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि मनस्वी ने 5 महीने से कम समय में ये चार चोटियाँ फतह कर राजस्थान की पहली महिला बनकर इतिहास रचा। उन्होंने अकोन्कागुआ पर -30°से. और तेज हवाओं में तिरंगा फहराया। गर्ग ने बताया कि मनस्वी ने यूरोपरू माउंट एलब्रस (5,642 मीटर)अफ्रीका: माउंट किलीमंजारो (5,895 मीटर)।अंटार्कटिकारू विन्सन मैसिफ (4,892 मीटर)।दक्षिण अमेरिका: अकोन्कागुआ (6,961 मीटर पर पहुँचने का गौरव हासिल किया जो निश्चित ही सभी के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त करेगी।
इस मौके पर वित्त सेवा के वरिष्ठ अधिकारी टी. आर.अग्रवाल , डॉ. सरोज गुप्ता, लघु भारती के संयोजक मनोज जोशी ,डॉ. ओम पारीक , डॉ शैलेंद्र सोमानी - एमडीएस निदेशक सहित शहर के गणमान्य व्यक्ति,महविद्यालय के अकादमिक,मंत्रालयिक कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अग्रवाल का स्वागत किया।
संचालन डॉ. हरीश चौबीसा ने किया जबकि आभार डॉ. पुनीत पंड्या ने जताया।