उदयपुर | रामनवमी के शुभदिन उदयपुर - मेवाड़ रियासत काल में प्रारम्भ हुए गौतम ब्रह्मचर्याश्रम आश्रम का 125वा स्थापना दिवस मानते हुए पंडित सोहनलाल पंचोली को उनकी दूर दृष्टि के लिए नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की गई|
डॉ रमाकांत शर्मा ने बताया की 5 स्वजातीय बालकों से सन 1901में मुष्टि अनाज भिक्षा पद्दति पर शुरू इस आश्रम ने वृहद रुप धारण कर अपनी पहचान बनाई| उनके द्वारा शिक्षित छात्र उच्च पदों पर आसीन हुए |
प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया कि मेवाड़ रियासत हुकमनामा सन 1931 दिनांक 31 अगस्त के अंतर्गत बड़ा हजूर महाराणा श्री फतेह सिंह की पुण्य स्मृति में बनाई गई संस्कृत पाठशाला मैं इस गौतम ब्रह्मचर्य आश्रम को समाहित कर लिया गया जिसमे स्वर्ण तुलादान राशि भी उपयोग में ली गई|
पंडित सोहन लाल पंचोली स्मृति संस्थान की ओर से निजी आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थापक डॉ रमाकांत शर्मा, डॉ विमल शर्मा, जय किशन चौबे, डॉ मनीष श्रीमाली, मनोहर लाल मुंदड़ा, ओम प्रकाश माली, राजमल चौधरी, नरेंद्र उपाध्याय सहित अन्य उपस्थित रहे|