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गायत्री परिवार की युवा शाखा दिया के शिविर में बच्चों ने सीखे संस्कार और जीवन मूल्य

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25 May 26
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गायत्री परिवार की युवा शाखा दिया के शिविर में बच्चों ने सीखे संस्कार और जीवन मूल्य

उदयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार की युवा शाखा दिया द्वारा आयोजित वार्षिक कार्यक्रम उत्कर्ष 2026 का समापन समारोह गायत्री शक्तिपीठ सर्वऋतु विलास में अत्यंत उत्साह एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक मंगल शर्मा ने बताया कि यह पांच दिवसीय विशेष आवासीय ग्रीष्मकालीन शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया था जिसमें खेल, संवादात्मक व्याख्यान, रचनात्मक गतिविधियों एवं भारतीय संस्कृति आधारित अनुभवों के माध्यम से बच्चों को संस्कारों एवं जीवन मूल्यों से जोड़ा गया। शिविर में 50 बच्चों ने भाग लिया। शिविर में नृत्य, गायन, वादन, मंच संचालन, नाट्य कला आदि विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। शिविर के दौरान बच्चों के लिए कई रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया जिसमें सीडबॉल्स बनाना, फायरलेस कुकिंग, भजन संध्या, पोस्टर मेकिंग, मैथ्स मैजिक, आशुभाषण, टैलेंट हंट, गीता क्लासेज आदि शामिल थी।
कार्यक्रम का संचालन निधि जोशी और शिविर के बच्चों ने किया। डॉ. अंजू श्रीमाली एवं टीम ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया तथा धन्यवाद उदयपुर समन्वयक विवेक दवे द्वारा दिया गया। दिया राजस्थान के अध्यक्ष प्रणय त्रिपाठी द्वारा अभिभावकों के लिए विशेष हर्ड वर्कशॉप का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों की परवरिश से जुड़े विभिन्न विषयों और चुनौतियों पर चर्चा हुई। बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप सर्टिफिकेट, मेडल और तुलसी के पौधे दिये गए।
कार्यक्रम में मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में आदरणीय रमेश असावा, राजेंद्र त्रिपाठी, हेमंत श्रीमाली, शिव सुत राव और यतीश उपाध्याय मौजूद रहे। शिविर को सफ़ल बनाने में प्रणय त्रिपाठी, विनोद पांडे, डॉ. अंजू श्रीमाली, ऋतु राठौड़, रेखा असावा, अंजलि शर्मा, डॉ आरुषि श्रीमाली, आदेश भटनागर, चयन त्रिपाठी, परमेश पांडे, नरेंद्र चौधरी, आदित्य चौधरी, एकदेव श्रीमाली, प्रियंका पानेरी, हरीश सालवी, डॉ मेघा, महेश जोशी, रागिनी, विशाल, हेमांग, शुभम, भरत सोनी, शिवम, संदीप काबरा, गौतम भटनागर, रणविजय पटेल, जयंत शर्मा, युवराज, लक्षिता पालीवाल, प्रेक्षा मेनारिया, वंशिका, विभूति, कृष्णवीर राठौड़ और आदित्य कुमार का योगदान रहा।


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