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मीडियाकर्मियों ने देखे जल संरक्षण और चारागाह विकास के कार्य

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27 May 26
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मीडियाकर्मियों ने देखे जल संरक्षण और चारागाह विकास के कार्य

उदयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 के तहत बुधवार को मीडियाकर्मियों के दल ने वल्लभनगर पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोड़ी, बामणिया सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े विकास कार्यों का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान मीडियाकर्मियों ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एवं वाटरशेड विभाग के माध्यम से किए गए कार्यों की गहन जानकारी लेते हुए जल संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
मोड़ी में चारागाह विकास बना आकर्षण का केंद्र
दल ने ग्राम पंचायत मोड़ी में विकसित किए गए चारागाह विकास कार्यों का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत लगभग 50 लाख रुपये की लागत से 12 हेक्टेयर क्षेत्र में चारागाह विकास कार्य करवाए गए हैं। इस परियोजना के तहत अतिरिक्त बीज बुवाई, तारबंदी तथा पौधरोपण जैसे कार्य किए गए है।
क्षेत्र में आंवला, जामुन, आम, सीताफल, शहतूत, नींबू एवं अन्य फलदार पौधों सहित करीब 1 हजार 530 पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा सौर ऊर्जा आधारित वाटरपंप सिस्टम, पानी की टंकी, चैकीदार हट तथा सिंचाई संबंधी आधारभूत सुविधाओं का भी विकास किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य से क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ने के साथ पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता में भी सुधार हो रहा है।
400 वर्ष पुरानी बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्यों का अवलोकन
मीडियाकर्मियों के दल ने बामणिया गांव में करीब 400 वर्षों से अधिक पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी का भी अवलोकन किया। यहां जल स्वावलंबन अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत करवाए गए जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्यों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बावड़ी के पुनर्जीवन से क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल हुई है।
एनीकट, सीसीटी और वाटरशेड कार्यों की दी जानकारी
भ्रमण के दौरान मीडियाकर्मियों ने वाटरशेड विभाग द्वारा निर्मित एनीकट, एमीपीटी, सीसीटी तथा अन्य जल संरक्षण संरचनाओं का भी निरीक्षण किया। विभागीय सहायक अभियंता भूपेंद्र लोहार ने इन संरचनाओं की उपयोगिता, तकनीकी पहलुओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों को हो रहे लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन कार्यों से वर्षा जल का संरक्षण, भूजल स्तर में वृद्धि तथा भूमि कटाव रोकने में सहायता मिल रही है। इस दौरान जल संरक्षण विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सनाढ्य, जनसंपर्क उपनिदेशक गौरीकान्त शर्मा, सहायक जनसंपर्क अधिकारी जयेश पण्डया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
 


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