उदयपुर। केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उदयपुर स्थित मास कॉलेज ऑफ नर्सिंग में नारकोटिक टास्क फोर्स एवं आरोग्य जिला नशामुक्ति केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ और ‘लक्ष्मण रेखा अभियान’ के तहत एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के अध्यक्ष नरपत सिंह चौहान ने कहा कि भारत को नशा मुक्त बनाने का सपना तभी साकार होगा, जब देश की युवा शक्ति व्यसनों से दूर रहकर शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर अग्रसर होगी। उन्होंने युवाओं से समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता नारकोटिक टास्क फोर्स के सीआई कंवरपाल सिंह ने विद्यार्थियों को ‘लक्ष्मण रेखा अभियान’ की जानकारी देते हुए नशे से जुड़े कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शिक्षण संस्थान के 500 मीटर क्षेत्र को पूर्णतः नशा मुक्त (नो-ड्रग ज़ोन) घोषित किया गया है। साथ ही राजस्थान में अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियानों और प्रशासनिक प्रयासों की भी विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में आरोग्य सेवा संस्थान के विशेषज्ञों ने नशे की लत से बचाव, काउंसलिंग की भूमिका और समाज में जनजागरूकता बढ़ाने के प्रभावी उपायों पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने युवाओं को न केवल स्वयं नशे से दूर रहने, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर कॉलेज प्रबंधन, प्राध्यापकगण एवं सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने जीवनभर नशा न करने तथा अपने आसपास के वातावरण को व्यसन-मुक्त बनाने की सामूहिक शपथ ली। पूरे आयोजन में युवाओं का उत्साह और जागरूकता देखते ही बन रही थी।
यह कार्यक्रम केवल जागरूकता का मंच नहीं, बल्कि नशा मुक्त, स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में युवाओं द्वारा लिया गया एक प्रेरणादायक सामाजिक संकल्प साबित हुआ।