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ढोल-नगाड़ों, धर्म ध्वजाओं और जयघोषों के बीच निकली साहू समाज की विराट शोभायात्रा,

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16 Jun 26
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ढोल-नगाड़ों, धर्म ध्वजाओं और जयघोषों के बीच निकली साहू समाज की विराट शोभायात्रा,


उदयपुर। पुरुषोत्तम मास की पावन बेला में श्री तैलिक साहू समाज पंच महासभा (छः बैठक) उदयपुर द्वारा आयोजित भव्य शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय रंग में रंग दिया। श्रद्धा, उत्साह और सनातन संस्कृति की छटा बिखेरते इस आयोजन में समाज के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म एवं सामाजिक एकता का अनुपम परिचय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माहेश्वरी सेवा सदन में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों एवं बोलियों के साथ हुआ। ठाकुरजी की बग्गी, रुद्राभिषेक, हवन, ध्वजा, कलश एवं अन्य धार्मिक सेवाओं के लिए समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक बोलियां लगाकर धर्मलाभ अर्जित किया। महामंत्री कन्हैया लाल नैनावा ने बताया आयोजन के प्रति समाज की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि   ठाकुर जी मुख्य बग्गी की बोली एक लाख एक हजार एक रुपए में छूटी समाज के सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर पूरे दिन धर्मकार्य में सहभागिता निभाई कार्यक्रम में बोलिया लगाने कार्यक्रम का संचालन भरत पचलोडीया एवं चंद्रशेखर दशोरा ने किया ।
दोपहर में धानमंडी हनुमान चौक से शुरू हुई शोभायात्रा जब शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी तो जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। सुसज्जित बग्गियों में विराजित ठाकुरजी, आकर्षक धार्मिक झांकियां, घोड़े, धर्मध्वजाएं और भक्ति संगीत से सजी यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
शोभायात्रा में महिलाओं ने भजन-कीर्तन के साथ नृत्य करते हुए भक्ति की अलौकिक छटा बिखेरी, वहीं समाज के बालक-बालिकाओं द्वारा तलवारों के साथ प्रस्तुत किया गया शौर्य प्रदर्शन लोगों के लिए विशेष आकर्षण का विषय बना। युवाओं ने अपनी पारंपरिक संस्कृति और वीरता का शानदार परिचय देकर दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की।
गणगौर घाट पहुंचकर ठाकुरजी की महाआरती की गई, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इसके पश्चात ओसवाल भवन में विशाल महाप्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें लगभग 6000 श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था की गई। समाजबंधुओं ने सामूहिक रूप से महाप्रसाद ग्रहण कर धार्मिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
समाज पदाधिकारियों ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने में समाज के प्रत्येक वर्ग ने तन, मन और धन से सहयोग दिया। पुरुषोत्तम मास में आयोजित यह भव्य धार्मिक आयोजन समाज की अटूट आस्था, संगठन शक्ति और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण बन गया। अध्यक्ष हेमेंद्र पंडियार ने सभी समाज बंधुओं को कार्यक्रम की सफलता के लिए आभार ज्ञापित किया।


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