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हंसी के ठहाकों के बीच रिश्तों पर गहरा संदेश दे गया नाटक पापा भाग गए

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05 Jul 26
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हंसी के ठहाकों के बीच रिश्तों पर गहरा संदेश दे गया नाटक पापा भाग गए

उदयपुर। पीपुल्स मीडिया थिएटर द्वारा रविवार को दर्पण सभागार, उदयपुर में हास्य-व्यंग्य से भरपूर नाटक पापा भाग गए का सफल मंचन किया गया। नाटक ने दर्शकों को भरपूर हंसाने के साथ-साथ बदलते पारिवारिक रिश्तों और बुजुर्गों की भावनाओं पर गंभीरता से सोचने के लिए भी प्रेरित किया।
पश्चिम क्षेत्र सास्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि रंगशाला के अंतर्गत पीपुल्स मीडिया थिएटर जयपुर द्वारा पापा भाग गए नाटक का मंचन रविवार को शिल्पग्राम उदयपुर स्थित दर्पण सभागार में किया गया।
नाटक की कहानी अमर नारायण चतुर्वेदी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो रोजी सिंह अहलूवालिया के साथ पहाड़ों पर छुट्टियां मनाने निकल जाते हैं। जब उनके बच्चों विभूति और नंदिनी को इसकी जानकारी मिलती है तो वे घबराकर अपने पिता की तलाश में निकल पड़ते हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात चौकीदार प्रेमबहादुर सांड से होती है, जो अमर और रोजी से जुड़े कई रोचक एवं हास्यपूर्ण प्रसंग सुनाकर दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर देता है।
नाटक के अंत में अमर नारायण चतुर्वेदी अपने बच्चों से कहते हैं कि जिस तरह नई पीढ़ी अपनी जिंदगी अपनी पसंद और स्वतंत्रता के साथ जीना चाहती है, उसी तरह बुजुर्ग माता-पिता को भी अपनी इच्छानुसार कुछ पल सुकून और खुशी के साथ बिताने का अधिकार है। यह भावपूर्ण संदेश दर्शकों के दिलों को छू गया और उन्हें पारिवारिक संवेदनाओं पर नए दृष्टिकोण से सोचने के लिए प्रेरित किया।
नाटक में नितिन सैनी, प्रतिभा पारीक, माधव शर्मा, पवन सैनी, मुस्कान भारद्वाज, शालिनी शर्मा एवं जतिन पारीक ने प्रभावशाली अभिनय किया। नाटक का लेखन एवं निर्देशन अशोक राही ने किया, जबकि सह-निर्देशन सुप्रिया शर्मा ने किया। कलाकारों के सशक्त अभिनय, प्रभावी निर्देशन और सटीक हास्य-व्यंग्य ने दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।
दर्शकों से खचाखच भरे सभागार में इस प्रभावशाली प्रस्तुति को खूब सराहा गया। वरिष्ठ रंगकर्मी अशोक राही ने अपने मजेदार संवादों और कुशल निर्देशन से जहां एक ओर हास्य व्यंग्य उपजाया वहीं दूसरी ओर आज के समाज की कथनी और करनी पर गहरा तंज किया।
रंगमंच प्रेमियों ने पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की इस पहल की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर केन्द्र के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, अधीक्षण अभियंता सी.एल. सालवी, कार्यक्रम अधिशाषी हेमंत मेहता, दयाराम परमार सहित केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी एवं शहर के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सिद्धांत भटनागर ने किया।
 


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