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बीसीआई पिनेकल नॉलेज सीरीज संपन्न, ‘सिक्योर योर लेगेसी विद बेसिक्स ऑफ विल’ विषय पर मिला महत्वपूर्ण मार्गदर्शन

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11 Jul 26
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बीसीआई पिनेकल नॉलेज सीरीज संपन्न, ‘सिक्योर योर लेगेसी विद बेसिक्स ऑफ विल’ विषय पर मिला महत्वपूर्ण मार्गदर्शन

उदयपुर। बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) के पिनेकल चैप्टर द्वारा नॉलेज सीरीज के अंतर्गत शनिवार को मधुश्री बैंक्वेट हॉल, अशोका पैलेस, उदयपुर में "सिक्योर योर लेगेसी विद बेसिक्स ऑफ विल" विषय पर विशेष जागरूकता एवं ज्ञानवर्धक सत्र का सफल आयोजन किया गया। शाम 5:00 बजे से 6:30 बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के उद्यमियों, व्यवसायियों, प्रोफेशनल्स, युवाओं एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिकों ने बड़ी संख्या में सपरिवार भाग लेकर सत्र का लाभ उठाया।

बीसीआई के फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने बताया कि नॉलेज सीरीज का उद्देश्य समाज को ऐसे विषयों पर जागरूक करना है, जिनका प्रत्यक्ष संबंध प्रत्येक व्यक्ति और उसके परिवार के सुरक्षित भविष्य से है। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को वसीयत की मूलभूत जानकारी अवश्य होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कानूनी जटिलताओं और पारिवारिक विवादों से बचा जा सके।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए अंशुल मोगरा ने "सिक्योर योर लेगेसी विद बेसिक्स ऑफ विल" विषय पर सरल एवं व्यावहारिक शैली में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि वसीयत केवल संपत्ति का दस्तावेज नहीं, बल्कि परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण कानूनी माध्यम है।

सत्र के दौरान मुख्य वक्ता सीए अंशुल मोगरा ने वसीयत से  जुड़े कानूनी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वयस्क व्यक्ति को समय रहते अपनी वसीयत तैयार करनी चाहिए, ताकि भविष्य में परिवार को कानूनी जटिलताओं एवं संपत्ति संबंधी विवादों का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि वसीयत तैयार करते समय उसमें शामिल सभी व्यक्तियों एवं संस्थाओं के पूरे कानूनी नाम तथा उनके स्पष्ट संबंधों का उल्लेख करना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही एक वैध वसीयत में आवश्यक क्लॉज का समावेश होना चाहिए, जिससे दस्तावेज कानूनी रूप से मजबूत और विवाद रहित रहे।

सीए मोगरा ने यह भी बताया कि वसीयत लिखते समय व्यक्ति का मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है, क्योंकि यही उसकी कानूनी वैधता का महत्वपूर्ण आधार होता है। उन्होंने वसीयत के निष्पादन के लिए योग्य एवं विश्वसनीय एग्जीक्यूटर के चयन के महत्व को भी विस्तार से समझाया तथा उसकी जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने वसीयत के रजिस्ट्रेशन के लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि यद्यपि इसका पंजीकरण कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है, लेकिन रजिस्टर्ड वसीयत भविष्य में विवादों की संभावना को कम करती है और उसकी विश्वसनीयता को और अधिक मजबूत बनाती है।

सत्र के अंत में उपस्थित नागरिकों ने वसीयत से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका सीए अंशुल मोगरा ने सरल, सहज एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया। सत्र के अंत में उपस्थित प्रतिभागियों ने वसीयत से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका सीए अंशुल मोगरा ने सरल, व्यावहारिक एवं सहज भाषा में समाधान किया। संवादात्मक शैली में आयोजित इस सत्र को प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।

इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत में बीसीआई पिनेकल की ओर से बीसीआई पिनेकल के प्रेसीडेंट सीए अंशुल मोगरा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर बीसीआई पिनेकल टीम ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन बीसीआई पिनेकल की सेक्रेटरी शालिनी भटनागर ने किया। शालिनी भटनागर ने बताया कि बीसीआई नॉलेज सीरीज के माध्यम से भविष्य में भी समाज एवं व्यवसाय जगत से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर ऐसे जागरूकता और ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए जाते रहेंगे। इस अवसर पर सीए वात्सल्य सोनी, ब्रिजेश चौहान, शालिनी भटनागर, प्रकाश हाडा, नीलेश कोड़े, दीपांक भटनागर, नीरज कपूर, प्रिया मोगरा आदि उपस्थित थे।
 


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