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जल मॉनिटर सिखा रहे, जल कैसे बचाये*

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13 Jul 26
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जल मॉनिटर सिखा रहे, जल कैसे बचाये*

Udaipur: राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल सुंदरवास में हर कक्षा से दो छात्राओं का चयन जल मॉनिटर के रूप में किया गया। यह जल मॉनिटर अपनी-अपनी कक्षा में जाकर दैनिक जलचर्या कैसी होनी चाहिए यह बताएंगे। इन्हें वरिष्ठ जल मित्र डॉक्टर पी सी जैन ने लैपटॉप पर सुबह से शाम तक की गतिविधियों में पानी कैसे बचाएं यह दिखाया। जैसे ब्रश करते समय नल बंद रखना, स्नान शावर की जगह बाल्टी मग से करना, विद्यालय में पानी पीने के बाद नल अच्छी तरह बंद करना, आरो का बेकार पानी सफाई में काम लेना, आर ओ का पानी पौधों में उपयोग में लेना, वर्षा के जल को घर के ट्यूबवेल और हैंड पंप में डालना इत्यादि। अदृश्य जल के बारे में बताते हुए कहा कि 1 किलो चॉकलेट बनाने में 17000 लीटर जल और एक A4 साइज के पेपर बनाने में 10 लीटर पानी खर्च होता है। जल गीत पानी को बचा ले बरसात में की भी  प्रैक्टिस कराई। इंडियन लैटिन और वेस्टर्न लेटिन के उपयोग से जल खर्च में कितना अंतर है यह भी बताया। इसके बाद यह मॉनिटर अपने-अपने कक्षा में जाकर जो जानकारी इन्हें जल मित्र डॉक्टर पी सी जैन ने दी है उसे कक्षा में सभी को समझाइ ।  मॉनिटर अपने कॉलोनी के 10 घरों का सर्वे कर पता करेगे कि इन्मेसे कितने घरों में ट्यूब वेल है और उन मेसे कितनों का पानी अब कम हो गया है? जल मॉनिटर प्रभारी प्रियंका शर्मा ने इस वर्कशाप का संचालन किया। स्कूल प्रिंसिपल रचना द्विवेदी ने डॉक्टर पीसी जैन को धन्यवाद ज्ञापित किया।हंसिका खुशबु  प्रिति खुशी तानिया महक सलोनी धुविका   कृष्णा गुनगुन हेतल मानवी योगिता सोनाक्षी जल मॉनिटर  बने। सभी मानिटर को नारियल और बर्तन साफ करने वाला नींबू और राख से बना साबुन दिया ताकि जल कम से कम प्रदूषित हो |


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