ट्रांसपोर्ट नगर से आरटीओ कार्यालय तक निकाली गई विशाल ट्रक रैली, सरकार को दी आर-पार की चेतावनी
उदयपुर। प्रदेश ट्रक एवं ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेशभर में चल रहे अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन के क्रम में आज उदयपुर में भी आंदोलन को व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। दी उदयपुर ट्रांसपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के प्रवक्ता कुँ. हेमेन्द्र सिंह दवाणा ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान के संरक्षक पुष्पराज मेहता के निर्देशन एवं अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राणावत के नेतृत्व में आंदोलन को सफल बनाने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई।
उन्होंने बताया कि उपाध्यक्ष हेमराज डांगी, सचिव मनोहर सिंह राठौड़, कोषाध्यक्ष जगदीश चंद्र पण्डा, सह-सचिव मनप्रीत सिंह तथा समस्त कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा अलग-अलग टीमों का गठन कर उदयपुर शहर एवं आसपास के औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में संपर्क अभियान चलाया गया।
इन टीमों ने उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स, मार्बल मंडी, कृषि उपज मंडी, सब्जी मंडी, लघु उद्योग भारती, कलड़वास चेम्बर सहित विभिन्न व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों को ज्ञापन सौंपकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की जानकारी दी तथा उनसे सहयोग की अपील की।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा, तब तक यदि कोई ट्रक मालिक, ट्रांसपोर्टर, औद्योगिक इकाई अथवा फैक्ट्री संचालक माल का परिवहन कराएगा या वाहनों में माल भरवाएगा, तो संगठन द्वारा उस पर ₹5100 का संगठनात्मक दण्ड लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे व्यक्तियों एवं संस्थानों को ब्लैकलिस्ट करते हुए उनके प्रतिष्ठानों के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रवक्ता कुँ. हेमेन्द्र सिंह दवाणा ने बताया कि आज हजारों ट्रकों की चाबियाँ एकत्रित कर सांकेतिक रूप से परिवहन कार्य पूर्णतः बंद रखा गया तथा लगभग 50 ट्रकों के विशाल काफिले के साथ दी उदयपुर ट्रांसपोर्ट नगर से आरटीओ कार्यालय तक देशभक्ति गीतों के बीच विशाल रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में ट्रक मालिक, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी एवं वाहन चालक शामिल हुए और उन्होंने अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा।
रैली के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ एवं डीटीओ अधिकारियों से विस्तृत वार्ता की। संघर्ष समिति के अनुसार अधिकारियों ने स्वीकार किया कि वर्तमान परिस्थितियों में वाहन मालिकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा लंबे समय से फिटनेस सेंटर बंद रहने एवं व्यवस्थागत कमियों के कारण वाहन स्वामियों पर भारी-भरकम चालान लगाए गए हैं, जिनका भुगतान अधिकांश ट्रक मालिकों के लिए संभव नहीं है।
बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल परिवहन आयुक्त (कमिश्नर परिवहन) से दूरभाष पर संपर्क कर पूरे मामले से अवगत कराया। संघर्ष समिति के अनुसार परिवहन आयुक्त द्वारा आश्वस्त किया गया कि VLTD GPS लगाने की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कराई जाएगी तथा परमिट एवं फिटनेस से संबंधित लंबित व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर इसी सप्ताह शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, फिटनेस सेंटर बंद रहने की अवधि के दौरान परमिट अथवा फिटनेस संबंधी कारणों से बनाए गए चालानों की समीक्षा कर पात्र वाहन मालिकों को राहत प्रदान करने की दिशा में भी कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार लिखित रूप से ठोस निर्णय लेकर वाहन मालिकों एवं ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को राहत प्रदान नहीं करती, तब तक प्रदेशव्यापी चक्का जाम आंदोलन जारी रहेगा।
संघर्ष समिति ने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप देते हुए पूरे प्रदेश में आवश्यक सेवाओं के परिवहन सहित अन्य गतिविधियों को भी चरणबद्ध तरीके से बंद करने पर विचार किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं संबंधित प्रशासनिक तंत्र की होगी। आंदोलन में पूर्व विधिक सलाहकार नरेंद्र सिंह शेखावत, अजित गुप्ता, भेरू सिंह, भरत सिंह, नीरज शेखावत, कैलाश पूर्बिया, गोपाल सुथार, मुन्ना भाई गुर्जर, अभिषेक कुमार, श्रेणिक कुमार, संदीप शेखावत, प्रकाश खिंची, अहमदाबाद से अजित सिंह शेखावत, कैलाश अहीर, प्रेम जी, राम जी प्रजापत, अजित सिंह खिंची, प्रदीप शेखावत, जितेंद्र गुप्ता एवं समस्त ट्रक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी अपने अपने प्रतिष्ठान बंद करके उपस्तिथ रहे ।