उदयपुर। नन्ही नन्ही आंखों से छलकते आंसू एक प्रधानाध्यापक के प्रेम और वात्सल्य को प्रकट कर रहे थे, यह दृश्य था उदयपुर जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर ईसवाल के रेबारियो की ढाणी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पुष्पकांत व्यास की विदाई का।
विद्यालय परिवार के लिए सेवानिवृत्ति का अवसर उस समय यादगार बन गया, जब प्रधानाध्यापक पुष्पकांत व्यास ने अपनी सेवाओं की अंतिम बेला में विद्यालय को अपने माता-पिता की पुण्य स्मृति में लगभग एक लाख रुपये की लागत से निर्मित 'जल मंदिर' भेंट कर समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रधानाध्यापक ने अपने परिवारजन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों के साथ विद्यालय परिसर में निर्मित जल मंदिर का लोकार्पण किया। उपस्थित अतिथियों ने इसे विद्यार्थियों एवं विद्यालय के लिए एक स्थायी और प्रेरणादायी सौगात बताते हुए कहा कि यह सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल है। भीषण गर्मी के मौसम में यह जल मंदिर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आगंतुकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। समारोह में वक्ताओं ने प्रधानाध्यापक के लंबे शैक्षणिक जीवन, अनुशासनप्रिय कार्यशैली, उत्कृष्ट नेतृत्व और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने संबोधन में प्रधानाध्यापक व्यास ने सभी सहयोगियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय और समाज से मिला प्रेम उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और संस्कारों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। व्यास अपनी 38 वर्ष की गौरवमयी सेवा के तहत पिछले 17 वर्षों से इसी विद्यालय में सेवारत थे जिनका यहां के ग्रामीणजन और विद्यार्थियों से विशेष लगाव हो गया था और स्थानीय जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों के प्रयास और सहयोग से एक वृक्ष के नीचे संचालित होने वाले विद्यालय के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन तैयार करवाने में प्रधानाध्यापक व्यास की विशेष भूमिका रही। उनके इस रोल मॉडल को राज्य स्तर पर भी सराहा गया। आभार अध्यापक तुमेश शर्मा ने जताया।
विदाई समारोह के बाद ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक व्यास को गाजे-बाजे के साथ घोड़े पर बिठाकर सम्मानपूर्वक विदाई दी। पूरे गांव में आत्मीय वातावरण देखने को मिला। इस दौरान ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और उनके स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की। विदाई के भावुक क्षणों में विद्यार्थियों के साथ ग्रामीण और विद्यालय परिवार के अनेक सदस्य भी भावुक हो उठे। इस समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थियों तथा गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।