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हिंदुस्तान जिंक की समाधान परियोजना के तहत् वजीरगंज एवं गणेशपुरा में वत्स रैली का आयोजन

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11 Feb 26
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हिंदुस्तान जिंक की समाधान परियोजना के तहत् वजीरगंज एवं गणेशपुरा में वत्स रैली का आयोजन

हिंदुस्तान जिंक के सीएसआर के तहत् बायफ के सहयोग से संचालित समाधान परियोजना के तहत चंदेरिया क्षेत्र के 48 गांवों में कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम वजीरगंज एवं गणेशपुरा में वत्स रैली का आयोजन किया गया।

उन्नत नस्ल और वैज्ञानिक पशुपालन पर जोर बल देते हुए इस रैली में चंदेरिया के कंथारिया सेंटर के तहत कृत्रिम गर्भाधान से पैदा हुए 21 उन्नत नस्ल के बछड़े-बछड़ियों को प्रदर्शित किया गया। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष इस सेंटर पर कुल 1000 कृत्रिम गर्भाधान किए गए, जिनसे 455 बछड़े पैदा हुए। कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 80 प्रगतिशील पशुपालकों ने हिस्सा लिया। इस अवसर वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. जयदेव सिंह ने पशुपालकों को विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं, पशु मंगला एवं सॉर्टेड सीमन नस्ल सुधार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पशुधन निरीक्षक शीला भाट ने पशुओं में होने वाली मौसमी बीमारियों से बचाव और शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए मिनरल मिक्सचर के महत्व को समझाया। गणेशपुरा में 22 बछडे वत्स रैली में आये एवं 40 किसानो ने भाग लिया। अतिथि पशुपालन विभाग से डॉ.सुमेर सिंह सहायक सयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग चितोड़गढ़, डॉ. मुकेश सक्सेना पशु चिकित्सक, डॉ. रूचि शर्मा पशु चिकित्सक, बायफ उदयपुर से डॉ. दिनेश प्रसाद रतुरी , डॉ. अनुज डिक्सित उपस्थित थे डॉ. मुकेश सक्सेना  ने पशुपालन की सम्पूर्ण योजना, सॉर्टेड गर्भाधान आदि की जानकारी दी, डॉ. रूचि शर्मा ने पशुओ में होने वाली मोसमी बीमारी व मिनरल मिक्सचर के बारे में जानकारी प्रदान की।

वत्स रैली में पशुपालन विभाग से आई टीम ने बछडीयो  का अवलोकन किया जिसमे से डगला खेड़ा से किसान कन्हया लाल भंडारी की गिर नस्ल की बच्छडी को प्रथम पुरुस्कार व सुरेश मीणा गणेशपुरा ने दुसरे स्थान प्राप्त किया। किसानो को दी जानकारी में से प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया जिसमें विजेताओं को मिनरल मिक्सचर दिया गया।  कार्यक्रम के दौरान सबसे स्वस्थ और अच्छी नस्ल के अन्य बछड़ों के पशुपालको को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। समाधान परियोजना के माध्यम से चंदेरिया क्षेत्र में कृत्रिम गर्भाधान, सॉर्टेड सीमन, बकरी पालन, पशु स्वास्थ्य शिविर, डीवर्मिंग एवं हरित धरा जैसे हरा चारा विकास कार्यक्रमों पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। इस अवसर पर चंदेरिया स्मेल्टिंग काॅम्प्लेक्स की सीएसआर एवं बायफ की टीम उपस्थित थी।


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