हिंदुस्तान जिंक दुनिया में जिंक का सबसे बड़ा सप्लायर है,जो राजस्थान की शक्ति और संकल्प का प्रमाण है, वेदान्ता समूह के चैयरमेन अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि, जब हमने हिन्दुस्तान ज़िंक की शुरुआत की थी, तब इसे एक पुरानी और पिछड़ी हुई यूनिट माना जाता था—पुराने सिस्टम, धीमी निर्णय प्रक्रिया और बहुत कम उम्मीदें। कई लोगों को लगता था कि इसका भविष्य उज्ज्वल नही है।
लेकिन एक चीज़ जिस पर हमें कभी संदेह नहीं था, वह थे यहाँ के लोग।
राजस्थान की धरती ने हमें महाराणा प्रताप और मीराबाई जैसे व्यक्तित्व दिए हैं। यहाँ के लोग अपनी मेहनत और लगन के लिए जाने जाते हैं। उनकी कुशलता, गर्व और प्रतिबद्धता ही हमारे बदलाव की नींव बनी।
ज़मीन से जुड़कर काम करने, लोगों की बातों को ध्यान से सुनने और उन पर भरोसा करने से बदलाव की शुरुआत हुई। हमने 1 लाख से ज़्यादा नौकरियाँ सृजित कीं और उत्पादन को 10 गुना तक बढ़ाया। आज भारत के कुल जिंक उत्पादन में हिन्दुस्तान जिंक का हिस्सा लगभग 75% है। भारत में कभी चांदी का उत्पादन न के बराबर था, आज हम हर साल सैकड़ों टन चांदी का उत्पादन कर रहे हैं।
पिछले एक साल में कंपनी ने सरकारी खजाने में लगभग ₹20,000 करोड़ का योगदान दिया है, जिसमें भारत सरकार को मिलने वाला ₹3600 करोड़ का लाभांश भी शामिल है। यह हर दिन देश के विकास के लिए लगभग ₹55 करोड़ का योगदान है।
लेकिन आंकड़ों से परे, यह उदाहरण राजस्थान के लोगों के साहस और उनकी अटूट इच्छाशक्ति की है।