शाइन इंडिया फाउंडेशन के जागरूकता अभियान से प्रेरित होकर गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक 12 घंटे में 6 दिवंगतों के नेत्रदान हाडोती संभाग में संपन्न हुए हैं।
सर्वप्रथम, गुरुवार को शॉपिंग सेंटर निवासी मुक्ता जेठवानी की माताजी धनवंती जेठवानी का आकस्मिक निधन हुआ । संस्था सदस्यों की ओर से परिवार को नेत्रदान के लिये संपर्क करने पर, सहमति मिलने पर नेत्रदान संपन्न हुआ।
इसी क्रम मे, गुरुवार को देर रात स्टेशन क्षेत्र निवासी सुनील जैन के आकस्मिक निधन के उपरांत संस्था के ज्योति मित्र नवीन तोतलानी के प्रयास से बेटे हर्षित की सहमति मिलने पर नेत्रदान संपन्न हुआ ।
सुनील के नेत्रदान के ठीक बाद देवली अरब रोड निवासी श्रीमाल सिंह शेखावत की धर्मपत्नी सुशीला कंवर के आकस्मिक निधन की सूचना संस्था के ज्योति मित्र चंद्र प्रकाश जैन से प्राप्त हुयी,उन्हीं की प्रेरणा से परिजनों ने नेत्रदान का कार्य संपन्न कराया।
शुक्रवार सुबह 4:00 संस्था के ज्योति मित्र डॉ अशोक मेहता की धर्मपत्नी आशा मेहता, के आकस्मिक निधन के उपरांत परिजनों की सहमति से नेत्रदान का कार्य, शिवाजी नगर,रायपुरा स्थित निवास स्थान पर ही संपन्न हुआ ।
आज सुबह 9:00 बजे, समाजसेवी एवं सिंधी जनरल पंचायत के मंत्री शमशेर परमानी ने, अपने पिता एडवोकेट भगवान दास परमानी, के आकस्मिक निधन के उपरांत, संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन को संपर्क कर ईबीएसआर कोटा चैप्टर टेक्नीशियन के सहयोग से नेत्रदान का कार्य संपन्न करवाया । भगवान दास काफी लंबे समय तक कई प्रशासनिक विभाग में निजी सचिव के पद पर कार्यरत रहे हैं, वह सेवानिवृत्ति के बाद से अपने स्वयं के पैसों से गरीब,निर्धन,असहाय लोगों के अदालती काम को पूरा करते थे ।
शाइन इंडिया फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि,प्रत्येक नेत्रदान से दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों को नई रोशनी मिलने की संभावना होती है। संस्था ने नागरिकों से अपील की कि,अपने परिवार में नेत्रदान की इच्छा के बारे में पहले से चर्चा करें और मृत्यु के बाद इस महान मानव सेवा के कार्य में सहयोग देकर किसी के जीवन में प्रकाश लाने का संकल्प लें।