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बांसवाडा होकर डूंगरपुर से रतलाम तक नई रेल लाइन परियोजना

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07 Aug 26
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बांसवाडा होकर डूंगरपुर से रतलाम तक नई रेल लाइन परियोजना

जयपुर । केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में लिखित जानकारी देते हुए बताया कि रतलाम-बांसवाड़ा-डूंगरपुर (189 किलोमीटर) नई लाइन परियोजना को राजस्थान सरकार और रेल मंत्रालय के बीच 50 अलुपात 50 लागत-साझाकरण के आधार पर 2083 करोड़ रुपए की लागत पर स्वीकृति दी गई थी।

इस परियोजना के लिए भूमि भी राजस्थान राज्य सरकार द्वारा अपनी लागत पर प्रदान की जाएगी। अब तक, कुल आवश्यक 1,736 हेक्टेयर भूमि में से 646 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।

मार्च 2026 तक 243 करोड़ रुपए का व्यय उपगत किया गया है।इसके अलावा, बांसवाड़ा क्षेत्र में संपर्कता बढ़ाने के लिए, नीमच, बांसवाड़ा, दाहोद, अलीराजपुर, नंदुरबार नई लाइन (380 किलोमीटर) के लिए सर्वेक्षण हेतु परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए भी स्वीकृत किया गया है।विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के पश्चात, परियोजना की स्वीकृति के लिए राज्य सरकारों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श और आवश्यक अनुमोदन जैसे नीति आयोग, वित्त मंत्रालय आदि के मूल्यांकन की आवश्यकता होती है।

चूंकि परियोजनाओं की स्वीकृति एक सतत और गतिशील प्रक्रिया है, सटीक समय-सीमा विभिन्न हितधारकों द्वारा मूल्यांकन और अनुमोदन पर निर्भर करती है।राजस्थानरेल बजटहाल के वर्षों में बजट आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

राजस्थान राज्य में पूर्णतः/अंशतः पड़ने वाली अवसंरचना परियोजनाओं के लिए बजट आबंटन किया गया है, जिसें तहत अवधि परिव्यय 2009-14 में 682 करोड़ रुपयें प्रति वर्ष, 2026-27 में 10,228 करोड़ रुपये (लगभग 15 गुना), रेलपथ निर्माण योजना के तहत राजस्थान राज्य में पूर्णतः/अंशतः पड़ने वाले नए रेलपथो के निर्माण कार्यो के तहत अवधि, कमीशन किए गए नए रेलपथ तथा नए रेलपथों की औसत कमीशनिंग योजना के तहत वर्ष 2009-14 में 798 किमी. के लिए 160 किमी. प्रति वर्ष, वर्ष 2014-26 में 3,886 किमी. तथा 324 किमी. प्रति वर्ष (लगभग 2 गुना)।

इसी प्रकार स्वीकृत परियोजनाओं के तहत 01.04.2026 की स्थिति के अनुसार, राजस्थान में पूर्णतः/अंशतः पड़ने वाली 47,498 करोड़ रुपए की लागत वाली कुल 3,447 किमी. लंबाई की 32 परियोजनाएँ (15 नई लाइन, 05 आमान परिवर्तन और 12 दोहरीकरण) को स्वीकृत किया गया है।

योजना में मार्च 2026 तक कमीशन की गई लंबाई (किमी. में), मार्च 2026 तक व्यय (करोड़ रुपये में)।

नई लाइन, 15 परियोजनाएं, कुल लंबाई 999 किमी, 239 मार्च 2026 तक कमीशन की गई, (किमी. में), 7,602 मार्च 2026 तक व्यय, (करोड़ रुपये में), आमान परिवर्तन योजना के तहत 5 परियोजनाएं, 1,252 कुल लंबाई (किमी. में), 815 मार्च 2026 तक कमीशन की गई, 7, 859 मार्च 2026 तक व्यय (करोड़ रुपयं में), दोहरीकरण/बहुपथन योजना में 12 परियोजनाएं, 1,196 कुल लंबाई (किमी. में), 268 मार्च 2026 तक कमीशन की गई, जिसके 7,784 मार्च 2026 तक व्यय (करोड़ रुपये में) कुल 32 परियोजनाएं, 3,447 कुल लंबाई (किमी. में), 1,322 मार्च 2026 तक कमीशन की गई, जिसमें 23,245 मार्च 2026 तक व्यय (करोड़ रुपये में)।हाल ही में पूरी की गई परियोजनाएंराजस्थान राज्य में पूर्णतः/अंशतः पड़ने वाली हाल ही में पूरी की गईं कुछ परियोजनाएं निम्न है, जिसके तहत परियोजना, लागत (करोड़ रुपये में) बांगड ग्राम-रास नई लाइन (28 किलोमीटर) 175 करोड, थईयात हमीरा-सोनू नई लाइन (58 किलोमीटर) 350 करोड, सूरतपूड़ा-श्रीगंगानगर आमान परिवर्तन (241 किलोमीटर) 896 करोड, सादुलपुर-बीकानेर एवं रतनगढ़-डेगाना आमान परिवर्तन (438 किलोमीटर) 886 करोड, जयपुर-चुरू एवं सीकर-लोहा आमान परिवर्तन (320 किलोमीटर) 1105 करोड, भगत की कोठी-लूनी दोहरीकरण (28 किलोमीटर) 128 करोड, रानी-केशव गंज दोहरीकरण (59 किलोमीटर) 290 करोड, गुड़िया-मारवाड़ एवं करजोदा-पालनपुर दोहरीकरण (49 किलोमीटर) 251 करोड, रानी-मारवाड़ दोहरीकरण (52 किलोमीटर) 346 करोड, आबू रोड से स्वरूप गंज दोहरीकरण (26 किलोमीटर) 195 करोड, आबू रोड-सरोत्रा रोड दोहरीकरण (24 किलोमीटर) 152 करोड, अलवर-बाँदीकुई दोहरीकरण (60 किलोमीटर) 450 करोड, अजमेर-बांगडग्राम दोहरीकरण (48 किलोमीटर) 375 करोड, बांगडग्राम-गुड़िया दोहरीकरण (47 किलोमीटर) 395 करोड, बीना-कोटा दोहरीकरण (283 किलोमीटर) 2,476 करोड, नीमच-चित्तौड़गढ़ दोहरीकरण (56 किलोमीटर) 560 करोड, डेगाना-राई का बाग दोहरीकरण (146 किलोमीटर) 809 करोड, दौसा-गंगापुर सिटी दोहरीकरण (93 किलोमीटर) 950 करोड, फुलेरा-डेगाना दोहरीकरण (108 किलोमीटर) 702 करोड, खाटूवास-नारनौल दोहरीकरण (24 किलोमीटर) 313 करोड, चुरू-रतनगढ़ दोहरीकरण (43 किलोमीटर) 423 करोड तथा चुरू-सादुलपुर दोहरीकरण (58 किलोमीटर) कार्य के लिए 469 करोड में पूरी की गई है।चालू परियोजनाएंराजस्थान राज्य में रेल अवसंरचना को और बेहतर बनाने के लिए निम्न कार्य किए गए हैं, जिसके तहत पुष्कर-मेड़ता नई लाइन (51 किमी.) 800 करोड, तरंगा हिल-आबू रोड नई लाइन (116 किलोमीटर) 3,198 करोड, रामगंजमंडी-भोपाल नई लाइन (277 किलोमीटर) 5,073 करोड, निमच-बड़ी सादड़ी नई लाइन (48 किलोमीटर) 896 करोड, मेड़ता सिटी-मेड़ता रोड स्टेशन (56 किलोमीटर) पर रास नई लाइन और बाईपास के लिए 947 करोड, ग्वालियर-श्योपुरकलां आमान परिवर्तन (284 किलोमीटर) 3,947 करोड, धौलपुर-सिरमथरा आमान परिवर्तन (145 किलोमीटर) 747 करोड, अजमेर-चित्तौड़गढ़ आमान परिवर्तन (420 किलोमीटर) 1,834 करोड, नाथद्वारा-देवगढ़ मदरिया आमान परिवर्तन (83 किलोमीटर) 1,597 करोड, मथुरा-झाँसी तीसरी लाइन (274 किलोमीटर) 5,961 करोड, आगरा फोर्ट-बांदीकुई दोहरीकरण (150 किलोमीटर) 988 करोड, सवाई माधोपुर-जयपुर दोहरीकरण (131 किलोमीटर) 1,204 करोड, लूनी-भीलड़ी दोहरीकरण (272 किलोमीटर) 3,086 करोड, अजमेर-चंदेरिया दोहरीकरण (178 किलोमीटर) 1,635 करोड, रेवाड़ी-खाटूवास दोहरीकरण (28 किलोमीटर) 352 करोड, उमरा-देबारी दोहरीकरण (25 किलोमीटर) 492 करोड, रींगस-सीकर दोहरीकरण (50 किलोमीटर) 470 करोड तथा नागदा-मथुरा तीसरी और चैथी लाइन (568 किलोमीटर) के लिए 16,403 करोड की बजट राशि से रेल अवसंरचना को और बेहतर बनाया जा रहा है।रेल परियोजनाओं पूरा होना विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है जिनमें शामिल हैं, राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण, वन संबंधी मंजूरी, बाधक जनोपयोगी सेवाओं का स्थानांतरण, विभिन्न प्राधिकरणों से सांविधिक स्वीकृतियां, क्षेत्र की भू-वैज्ञानिक और स्थलाकृतिक परिस्थितियां, परियोजना स्थल के क्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति तथा विशेष परियोजना स्थल के लिए किसी वर्ष में कार्य के महीनों की संख्या आदि।

ये सभी कारक परियोजनाओं को पूरा करने के समय और लागत को प्रभावित करते हैं।

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