युवा कौशल विकास, उद्यमिता संवर्धन एवं उद्योगोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एमएसएमई-टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर (प्रोसेस एंड प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर, आगरा) के एक्सटेंशन सेंटर, उदयपुर तथा पेसिफिक एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, उदयपुर के मध्य गुरुवार, 06 अगस्त 2026 को एमओयूपर हस्ताक्षर किए गए । प्रेसिडेंट प्रो. हेमन्त कोठारी ने बताया की इस समझौते का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम, इंटर्नशिप, उद्यमिता विकास तथा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थान संयुक्त रूप से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सेमिनारों एवं प्रमाणन पाठ्यक्रमों का संचालन करेंगे।
एमओयू पर एमएसएमई-टीडीसी की ओर
से श्री एम. गणेश, सहायक निदेशक (प्रभारी) तथा पेसिफिक एकेडमी ऑफ
हायर एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी,
उदयपुर की ओर से माननीय
प्रेसिडेंट प्रो. हेमन्त कोठारी ने हस्ताक्षर किए । इस अवसर पर पेसिफिक
पॉलीटेक्निक कॉलेज के निदेशक डॉ. मुकेश श्रीमाली ने कहा कि वर्तमान समय में केवल
शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है,
बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग
की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं तकनीकी कौशल से सशक्त बनाना भी आवश्यक है।
यह एमओयू विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण, उद्योग विशेषज्ञों का
मार्गदर्शन तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण
भूमिका निभाएगा।
श्री एम. गणेश, सहायक
निदेशक (प्रभारी), एमएसएमई-टीडीसी, उदयपुर ने बताया कि इस
समझौते के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए सीएनसी, सीएडी/सीएएम, प्रोडक्ट
डिजाइन एवं डेवलपमेंट, उद्यमिता विकास (ESDP), उच्च
स्तरीय तकनीकी एवं प्रबंधन प्रशिक्षण,
स्किल अपग्रेडेशन, इंटर्नशिप, रोजगारोन्मुखी
पाठ्यक्रम तथा बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR)
जैसे विषयों पर नियमित
प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले
प्रतिभागियों को मूल्यांकन के उपरांत प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में दोनों
संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू
विद्यार्थियों को सशक्त बनाने
की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं
वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक होगा ।