यह बात वरिष्ठ जल मित्र डॉक्टर पीसी जैन ने सेंड पैट्रिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रताप नगर में चयनित जल जानकार विद्यार्थियों के समक्ष कही।
यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट का वाटर एनवायरनमेंट और हेल्थ रिचमंड हिल कनाडा 2026 के अनुसार ग्लोबल वाटर बैंक रपटेसी, लिविंग बियोंड और हाइड्रोलॉजिकल मेंस इन द पोस्ट क्राइसिस एरा मैं यह बात कही गई है। इसके अनुसार भूमि का अति जल दोहन भूमि जल की मात्रा एवं गुणवत्ता में गंभीर कमी आई है। विश्व के 400 करोड़ व्यक्ति वर्ष में एक महीने गंभीर जल संकट का सामना करते हैं।
जल जानकार बने इन विद्यार्थियों को भविष्य की इस स्थिति को बताकर अभी से जल बचाने और उसे बर्बाद ना करने के विभिन्न तरीके बताए।
हर्षिता, तृषा, तुलसी मीणा, दिव्याशी,झिलमिल, चंचल, महिमा, तनिशा, साक्षी देवड़ा, साक्षी माली, आकांक्षा, दीपक, सोनाली। प्रभारी कमला मेघवाल स्वेच्छा से जल जानकार या जलदूत बने। सबको डॉक्टर पीसी जैन ने वर्षा जल को भूमि जल में डालने का संकल्प दिलाया और वह अधिक से अधिक लोगों को इस हेतु प्रेरित करेंगे यह भी व्रत दिलाया।
स्वागत और धन्यवाद श्रीमती कमला मेघवाल ने ज्ञापित किया।