उदयपुर। निर्धारित साप्ताहिक अवकाश के दिन रविवार को बैंक खोलने के सरकार के एकतरफा फैसले के विरोध में आज समस्त बैंक कर्मियों ने अपनी-अपनी शाखाओं में काले कपड़े पहनकर कार्य किया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। बैंककर्मियों ने इसे कर्मचारियों के अधिकारों और निर्धारित साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था के साथ अन्यायपूर्ण हस्तक्षेप बताते हुए रोष व्यक्त किया।
रविवार को बैंक खोलने के व्यापक प्रचार पर बैंककर्मियों में व्यंग्य भी देखने को मिला। कर्मचारियों ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार और बैंक ग्राहकों को संदेश ऐसे भेज रहे हैं, जैसे रविवार को बैंक खुलना 144 साल बाद आने वाला कुंभ का मेला हो—इस रविवार बैंक नहीं गए तो जिंदगी में ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा।
सोशल मीडिया पर भी इसी अंदाज में व्यंग्य किया गया कि शायद इस ऐतिहासिक रविवार को “स्वर्गलोक से बैंकर देवता” धरती पर उतरकर सभी ग्राहकों को अमृत पिलाने वाले हैं। बैंककर्मियों का कहना है कि यदि रविवार को बैंक खोलना इतना आवश्यक है, तो फिर पांच दिवसीय बैंकिंग की लंबे समय से लंबित मांग पर गंभीरता से निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा है।
बैंक संगठनों ने रविवार के इस निर्णय को एकतरफा और गैरकानूनी बताते हुए सरकार के प्रति अपना रोष व्यक्त किया तथा कहा कि आंदोलन अब और व्यापक होगा।
28 सितंबर को काले कपड़ों में प्रदर्शन UFBU के आह्वान पर 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल के तहत उदयपुर में भी आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
UFBU के सयोजक डी के जैन नें बाताया केि 28 सितंबर को सुबह 10:30 बजे टाउन हॉल स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ उदयपुर के क्षेत्रीय सचिव व आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कनफेडरेशन राजस्थान इकाई के संगठन सचिव धर्मवीर भाटिया नें बताया प्रदर्शन में सभी बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी काले कपड़े पहनकर शामिल होंगे और सरकार के एकतरफा निर्णय के प्रति अपना विरोध एवं रोष दर्ज कराएंगे।
बैंक संगठनों ने सभी अधिकारी एवं कर्मचारी साथियों से अधिकाधिक संख्या में काले कपड़ों में उपस्थित होकर प्रदर्शन को सफल बनाने और अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने का आह्वान किया है।
बैंक संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा बैंककर्मियों की पांच दिवसीय बैंकिंग सहित लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठनों के अनुसार, मांगों की अनदेखी जारी रहने पर 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया जाएगा। बैंककर्मियों ने कहा कि यह संघर्ष मांगों के समाधान तक जारी रहेगा।