नई दिल्ली। रेलवे पर जीआरपी द्वारा दर्ज एनडीपीएस मामलों का विवरण राज्यवार ‘‘क्राइम इन इंडिया’’ में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा प्रकाशित किया जाता है। डेटा वस्तुवार जैसे गांजा, मॉर्फिन आदि के रूप में प्रकाशित नहीं किया जाता। डीआरआई, एनसीबी, एनआईए और सीबीआई द्वारा की गई एनडीपीएस जब्ती से संबंधित डेटा भी ‘‘क्राइम इन इंडिया’’ में प्रकाशित किया जाता है, जिसमें रेलवे-विशिष्ट जब्ती का उल्लेख नहीं होता।
रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) को 11.04.2019 की गजट अधिसूचना के माध्यम से एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 42 एवं 67 के प्रावधानों के तहत तलाशी लेने, जब्त करने और गिरफ्तारी करने का अधिकार प्रदान किया गया है। हालांकि, आरपीएफ को एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज करने और जांच करने का अधिकार नहीं है। इसलिए, आरपीएफ द्वारा बरामद एनडीपीएस और गिरफ्तार व्यक्ति जीआरपी या अन्य सशक्त एलईए को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सौंप दिए जाते हैं।
ट्रेनों और स्टेशनों पर नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ आरपीएफ द्वारा निम्नलिखित उपाय अपनाए जा रहे हैं। एनसीबी, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की जाती हैं ताकि नशीली दवाओं से संबंधित आपराधिक गतिविधियों की पहचान, अवरोधन और विघटन में परिचालन दक्षता बढ़ाई जा सके। आरपीएफ नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकोर्ड) का हिस्सा है और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में सक्रिय रूप से शामिल है। महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर सामान की स्क्रीनिंग के लिए एक्स-रे बैगेज स्कैनर लगाए गए हैं। कोचों की संख्या और रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाती है। एनडीपीएस के परिवहन के लिए संवेदनशील मार्गों और ट्रेनों पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों में एनडीपीएस की जांच के लिए प्रशिक्षित स्निफर डॉग का उपयोग किया जाता है। यात्रियों और रेल यात्री यात्रियों को शिक्षित करने और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु जन जागरूकता और संवेदीकरण अभियान भी आयोजित किए जाते हैं। वर्ष 2023, 2024 और 2025 के दौरान आरपीएफ ने क्रमशः 1,220, 1,392 और 1,716 एनडीपीएस मामले का पता लगाया और आगे की कानूनी कार्यवाई के लिए सशक्त एलईए को सौंप दिया।
यह जानकारी रेलवे, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।
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आरपीएफ ने 4328 नशीली दवाओं की तस्करी के मामले का पता लगाया
एनडीपीएस के मामले जीआरपी, एनसीबी, डीआरआई, एलईए द्वारा दर्ज किए जाते हैं
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