जयपुर। राजस्‍थान विधान सभा के अध्‍यक्ष श्री वासुदेव देवनानी आगामी 10 अप्रैल को सिंधी भाषा दिवस पर नई दिल्‍ली के उप राष्‍ट्रपति भवन में भारत के संविधान के सिंधी भाषा में विमोचन समारोह में विशिष्‍ट अतिथि के रूप में भाग लेंगे। केन्‍द्रीय विधि और न्‍याय राज्‍य मंत्री(स्‍वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुनराम मेघवाल ने विधानसभाध्‍यक्ष श्री देवनानी को पत्र लिखकर इस समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित किया है।

उप राष्‍ट्रपति श्री सी.पी.राधाकृष्‍णन द्वारा 10 अप्रैल, 2026 को प्रात: 10.30 बजे नई दिल्‍ली के 108, चर्च रोड़ स्थित वाईस प्रेसीडेण्‍ट एनक्‍लेव में सिंधी भाषा में भारत के संविधान का देवनागरी और फारसी लिपियों में विमोचन किया जाएगा। समारोह का आयोजन विधि एवं न्‍याय मंत्रालय के विधायी विभाग, राजभाषा खण्‍ड, प्रादेशिक इकाई द्वारा किया जा रहा है।
राजस्‍थान विधानसभाध्‍यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने भारतीय संविधान के सिंधी भाषा में प्रकाशन पर प्रसन्‍नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी का आभार ज्ञापित किया है। साथ ही कहा है कि विभाजन का दंश झेलने के बाद भारत आए लाखों सिंधी समुदाय के लोगों के लिए यह अवसर अपनी भाषा के प्रति गौरवान्वित होने और प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के प्रति अभिनन्‍दन एवं आभार प्रकट करने का सुनहरा मौका है।

उल्‍लेखनीय है कि विधि और न्‍याय मंत्रालय विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने और भारत सरकार की आकांक्षा को पूर्ण करने के लिए प्रयत्‍नशील है। इस क्रम में संविधान और विधियों को लोगों तक उनकी अपनी भाषा में पहुँचाने के प्रयासों के अन्‍तर्गत मंत्रालय की विधायी विभाग राजभाषा खण्‍ड, प्रादेशिक भाषा इकाई गत कुछ वर्षों से संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्‍लेखित भाषाओं का अनुवाद करने पर विशेष ध्‍यान दे रही है। इन्‍हीं प्रयासों के तहत भारतीय संविधान के सिंधी भाषा संस्‍करण को प्रकाशित करा कर उप राष्‍ट्रपति श्री सी.पी.राधाकृष्‍णन के द्वारा उसका विमोचन कराया जा रहा है।

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