उदयपुर। पूर्व प्रधानमंत्री, "भारत रत्न" पंडित जवाहरलाल नेहरु की पुण्यतिथि आज उदयपुर देहात जिला कांग्रेस कार्यालय में मनाई गई।
उदयपुर देहात जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी दिनेश औदिच्य ने बताया कि सुरजपोल स्थित उदयपुर देहात जिला कांग्रेस कार्यालय में आज पूर्व प्रधानमंत्री, "भारत रत्न" पंडित जवाहरलाल नेहरु की पुण्यतिथि मनाई गई। सबसे पहले पंडित नेहरू की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई उसके पश्चात एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन हुआ।
विचार गोष्ठी में पूर्व उप जिला प्रमुख लक्ष्मीनारायण पंड्या ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र हमारे देश का लोकतंत्र है और वो पंडित जवाहरलाल नेहरु की ही देन है। 1947 मैं जब पंडित नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस की पहली सरकार बनी थी उस समय देश के हालात किसी से छुपे हुए नही थे। उस समय आजाद भारत में एक सुई भी नहीं बनती थी। विकास की कोई योजना नही थी। ऐसे समय मे समिति संसाधनों से देश का विकास करना और साथ ही लोकतंत्र को भी कायम रखने का कठिन काम पंडित नेहरू ने किया। और धीरे-धीरे नेहरू ने विकास की नींव रखी जिसमे समाज के हर वर्ग के लिए अवसर दिए गए। उस समय के अविकसित भारत मे नेहरू ने पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से देश में विकास की रूपरेखा तैयार करी। देश मे बड़े-बड़े स्कूल, कॉलेज और हॉस्पिटल बनाये, कल-कारखानों, आईआईटी, आईआईएम की स्थापना करी।
पंडित नेहरू ने देश में सभी को समान अवसर देने के लिए मिश्रित अर्थव्यवस्था का मॉडल अपनाया। जिसमे समाजवाद और पूंजीवाद का मिश्रण था। जिससे की समाज के हर वर्ग को प्रगति करने के समान अवसर मिल सके।
उदयपुर देहात जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ कल्याण सिंह राव ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने एक दूरदर्शी राजनेता के रूप में देश में राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक भवन की नींव रखी। पंडित जी द्वारा दिए गए गुट निरपेक्षता की नीति और पंचशील के सिद्धांतों के कारण विश्व समुदाय में भारत की पहचान बनी। पंडित नेहरू ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास में भी काफी रुचि ली। और आज का आधुनिक भारत पंडित जी की के द्वारा किए गए विकास कार्यों का ही परिणाम है। इसीलिए आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में पंडित जी जवाहरलाल नेहरू का योगदान अतुलनीय है और इसे हमेशा याद रखा जाएगा।
गोष्ठी में पूर्व उप जिला प्रमुख लक्ष्मीनारायण पंड्या, डॉ कल्याण सिंह राव, जमना लाल शर्मा, मधु सालवी, डॉ कौशल नागदा, डॉ संजीव राजपुरोहित, राम सिंह चदाणा, गणेश लाल मेघवाल, प्रवीण सालवी, भगवती डांगी, ओम प्रकाश गमेती, लक्ष्मी लाल सोनी, डॉ महेश त्रिपाठी, अजीज खान पठान, राजेश मेनारिया, दिनेश पानेरी, जग्गू राम मीणा, राजेश पंचोली, मोडी राम प्रजापत, विजय राज सिंह राणावत, सौरभ शर्मा, आबिदा शेख़, लोकेश मीणा, शंकर लाल मेघवाल, हेमंत मेघवाल, हिदांशु जैन, इश्तियाक चंचल, ज्ञान प्रकाश सेन, रतन लाल पूर्बिया, गोपाल सरपटा, अर्जुन लाल मेघवाल, लाल बहादुर सुहालका, संजू वर्मा, भावना सुथार, नरेंद्र सिंह गुहिल, आनंद सिंह कड़िया भी उपस्थित रहे। गोष्ठी का संचालन डॉ संजीव राजपुरोहित ने किया एवं धन्यवाद डॉ कौशल नागदा ने दिया।
Udaipur
विश्व के सबसे मजबूत लोकतंत्र की नीव रखने का कार्य पंडित नेहरू ने किया- लक्ष्मी नारायण पंड्या
आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में पंडित नेहरू का योगदान अतुलनीय - कल्याण सिंह राव
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