नई दिल्ली । डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परजॉइंट पार्सल प्रोडक्ट-रैपिड कार्गो सर्विस की शुरुआत की है।
यह रेल-आधारित पार्सल लॉजिस्टिक्स को सुदृढ़ करने तथा कार्गो ट्रांसपोर्टेशन के लिए तेज, विश्वसनीय एवं शेड्यूल्ड ट्रांसपोर्टेशन सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस सेवा का शुभारंभ डॉ. मनोज सिंह, मेंबर (ऑपरेशंस एंड बिजनेस डेवलपमेंट), रेलवे बोर्ड द्वारा श्री प्रवीण कुमार, मैनेजिंग डायरेक्टर, डीएफसीसीआइएल, श्री दीपक झा, एडवाइजर (कमर्शियल), रेलवे बोर्ड, श्री श्याम सुंदर गुप्ता, प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इन्फ्रास्ट्रक्चर), रेलवे बोर्ड; तथा श्री नवीन कुमार पारसुरामका, प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (कोचिंग), रेलवे बोर्ड की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।जेपीपी एण्ड आरसीएस की शुरुआत न्यू दादरी (उत्तर प्रदेश/दिल्ली एनसीआर)-न्यू मोटीदाऊ (मेहसाणा, गुजरात)-न्यू अंचेली (नवसारी, गुजरात) रूट पर की गई है।
न्यू दादरी से ओरिजिनेटिंग सर्विस 18 अगस्त 2026, मंगलवार से शुरू हुई है। न्यू अंचेली से न्यू दादरी के लिए रिटर्न सर्विस 20 अगस्त 2026 से शुरू होगी तथा यह सेवा डेली संचालित की जाएगी।
यह सेवा ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, रिटेल कार्गो, कूरियर एवं लॉजिस्टिक्स एग्रीगेटर्स, ट्रांसपोर्टर्स तथा अन्य बल्क पार्सल कस्टमर्स की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन की गई है।यह सेवा एक तरफ लगभग 1,200 किमी की दूरी तय करेगी तथा देश के उत्तरी एवं पश्चिमी क्षेत्रों के प्रमुख लॉजिस्टिक्स एवं इंडस्ट्रियल सेंटर्स को जोड़ेगी।
न्यू मोटीदाऊ एक इंटरमीडिएट लोडिंग एवं अनलोडिंग पॉइंट के रूप में कार्य करेगा, जिससे पार्सल ऑपरेटर्स एवं कस्टमर्स को अधिक फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी।
यह सेवा 15 एलवीपीएच और एक एसएलआर की कंपोजिशन के साथ एक शेड्यूल्ड एंड-टू-एंड सर्विस के रूप में संचालित होगी, जिसका शेड्यूल्ड ट्रांजिट टाइम लगभग 23 घंटे होगा।जेपीपी एण्ड आरसीएस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की क्षमताओं को इंडियन रेलवेज़ के जेपीपी एण्ड आरसीएस फ्रेमवर्क के साथ एकीकृत करता है।
इसे अमाजोन और हर्ष लोगिस्टिक द्वारा उपयोग किया जा रहा है तथा यह एफबीडी पोर्टल के माध्यम से प्लेस किए गए इंडेंट्स पर आधारित है, जिसमें अन्य प्रमुख ई-कॉमर्स एवं सप्लाई चेन पार्टनर्स भी शामिल हैं।
यह सेवा गुड्स कलेक्शन, लोडिंग एवं अनलोडिंग, शेड्यूल्ड रेल ट्रांसपोर्टेशन तथा फाइनल डिलीवरी को कवर करने वाला एक इंटीग्रेटेड रेल-एंड-रोड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है, जिससे कस्टमर्स को लंबी दूरी के पार्सल मूवमेंट के लिए एक भरोसेमंद एवं एफिशिएंट विकल्प मिलता है।लॉन्च कार्यक्रम में श्री शोभित भटनागर, डायरेक्टर (ऑपरेशंस एंड बिजनेस डेवलपमेंट), डीएफसीसीआइएल, श्री अनुराग शर्मा, डायरेक्टर (इन्फ्रास्ट्रक्चर), श्रीमती मोनिका अग्निहोत्री, प्रिंसिपल चीफ ऑपरेशंस मैनेजर/नॉर्दर्न रेलवे, श्री प्रवीण पांडेय, प्रिंसिपल चीफ कमर्शियल मैनेजर/नॉर्दर्न रेलवे, डीएफसीसीआइएल, श्री एच. एस. बाजवा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फ्रेट मैनेजमेंट), श्री राकेश रोशन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (बिजनेस डेवलपमेंट), श्री सुरेंद्र अहिरवार, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (रेट्स), श्री पुलकित सिंघल, ओएसडीएटदीरेटएमओबीडी, श्री मनीष अवस्थी, ईडी/इन्फ्रास्ट्रक्चर, श्री एस. पी. वर्मा, जीजीएम (बीडीएटदीरेटबीए) तथा श्री अनुराग यादव, जीजीएम/नोएडा सहित डीएफसीसीआईएल एवं इंडियन रेलवेज़ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।यह सेवा फ्रेट बिजनेस डेवलपमेंट पोर्टल के वर्चुअल एग्रीगेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल बुकिंग मैकेनिज्म द्वारा समर्थित है।
कस्टमर्स 180 दिन तक एडवांस में ऑनलाइन पार्सल स्पेस बुक कर सकते हैं।
यह प्लेटफॉर्म डिजिटल बुकिंग एवं ट्रैकिंग, एग्रीगेटर वेबसाइट्स के साथ इंटीग्रेशन तथा लॉजिस्टिक्स आवश्यकताओं की बेहतर प्लानिंग की सुविधा प्रदान करता है।जेपीपी एण्ड आरसीएस के अंतर्गत फ्रेट चार्जेज की गणना व्हीकल पार्सल की कैरिंग कैपेसिटी के आधार पर की जाएगी तथा रेलवे बोर्ड द्वारा नोटिफाइड लागू जेपी स्केल के अनुसार शुल्क लिया जाएगा।
यह सेवा यात्रा के दोनों लेग्स पर पार्सल कैपेसिटी के एफिशिएंट यूटिलाइजेशन को प्रोत्साहित करने के लिए रिटर्न-ट्रिप डिस्काउंट भी प्रदान करती है।इस सेवा से प्रति राउंड ट्रिप लगभग रूपये 21 लाख की आय होने की उम्मीद है, जो नियमित संचालन के साथ लगभग रूपये 76 करोड़ की अनुमानित वार्षिक रेवेन्यू पोटेंशियल में परिवर्तित होगी।
इससे पार्सल ऑपरेटर्स, लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर्स, ई-कॉमर्स बिजनेस, मैन्युफैक्चरर्स, ट्रेडर्स तथा अन्य फ्रेट यूजर्स के लिए नए अवसर खुलने की भी उम्मीद है, जो भरोसेमंद एवं टाइम-सेंसिटिव ट्रांसपोर्टेशन सॉल्यूशंस की तलाश में हैं।अब तक एनएमजीएचएस के माध्यम से संचालित मौजूदा पार्सल सर्विसेज मुख्य रूप से अहमदाबाद क्षेत्र तक के डेस्टिनेशंस की आवश्यकताओं को पूरा करती रही हैं।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर जेपीपी एण्ड आरसीएस की शुरुआत के साथ अब पार्सल ट्रैफिक को अहमदाबाद से आगे ले जाया जा सकता है, जिससे सूरत-मुंबई बाउंड पार्सल्स को इस सेवा के माध्यम से ट्रांसपोर्ट कर आगे उनके डेस्टिनेशंस से जोड़ा जा सकेगा।जेपीपी एण्ड आरसीएस सड़क से रेल की ओर उपयुक्त लॉन्ग-डिस्टेंस फ्रेट को स्थानांतरित करने के व्यापक उद्देश्य को भी समर्थन प्रदान करता है।
लॉन्ग-हॉल ट्रांसपोर्टेशन के लिए रेल की एफिशिएंसी को फर्स्ट-एंड-लास्ट-माइल मूवमेंट के लिए रोड कनेक्टिविटी के साथ जोड़कर, यह सेवा एक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है, जिससे फ्यूल एफिशिएंसी, रोड कंजेशन में कमी तथा पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के संदर्भ में संभावित लाभ प्राप्त हो सकते हैं।जेपीपी एण्ड आरसीएस की शुरुआत के साथ डीएफसीसीआईएल कस्टमर-सेंट्रिक फ्रेट सर्विसेज, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इन्फ्रास्ट्रक्चर के एफिशिएंट यूटिलाइजेशन तथा एक मॉडर्न, सस्टेनेबल एवं इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है।
यह सेवा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर पार्सल ट्रांसपोर्टेशन के विकास में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है तथा देशभर में तेज, सुरक्षित एवं अधिक एफिशिएंट फ्रेट मूवमेंट में योगदान देने की उम्मीद है।