उदयपुर। राष्ट्रीय कृषि विकास प्रबन्ध संस्थान (मैनेज) हैदराबाद एवं मत्स्य विभाग, राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वाधान में मत्स्य विभाग उदयपुर में एक्वा उद्यमी ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मत्स्य पालकों एवं एक्वाप्रेन्योर्स को व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम राज्य मत्स्य अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विस्तार कार्यालय उदयपुर के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मत्स्य किसान, मत्स्य ठेकेदार, मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्य, विभागीय अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञों सहित विभाग के पूर्व उप निदेशक अरुण पुरोहित एवं संयुक्त निदेशक डॉ. अकील अहमद उपस्थित रहे।कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मत्स्य विभाग राज. सरकार की निदेशक श्रीमती संचिता बिश्नोई ने अंतर्देशीय मात्स्यिकी में उद्यमिता के बढ़ते महत्व एवं नए अवसरों को रेखांकित किया।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में 4.30 लाख हेक्टेयर जलक्षेत्र मत्स्य पालन के लिए उपलब्ध है, जिसमें केज कल्चर, झींगा पालन, सघन मछली पालन, पर्याप्त बीज उत्पादन से मछली उत्पादन को बढ़ाने और रोजगार उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और भारत सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ उठाया जा सकता है।संयुक्त निदेशक डॉ. अनिल कुमार जोशी, ने विभागीय योजनाओं, संस्थागत सहयोग और वित्तीय सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे नये उद्यमी लाभ उठा सके।
कॉलेज ऑफ फिशरीज, उदयपुर के पूर्व डीन डॉ. एल एल शर्मा, डॉ सुबोध कुमार शर्मा एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ एम एल ओझा ने राजस्थान में मछली पालन की चुनौतियां, आधुनिक जलकृषि पद्धतियां और उत्पादन एवं गुणवत्ता बढाने की उन्नत तकनीकों पर अपने विचार व्यक्त किये।सहायक मत्स्य विकास अधिकारी श्री शुभम वार्ष्णेय एवं डॉ रवि कुमार पटेल ने आदिवासी मछुआरों के कल्याण हेतु संचालित धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं केज कल्चर मछली पालन पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
क्षेत्र के प्रगतिशील एवं नवोन्मेष मत्स्य पालक आनन्द पूर्बिया, अभिमन्यु सिंह चौहान, कैलाश खोईवाल, औवेस बर्नी ने अनुभव और सफलताओं को साझा कर नये प्रतिभागियों को प्रेरित किया।कार्यक्रम समन्वयक श्री महिपाल सिंह ने संस्थान की ओर से अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत कर कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया की कार्यक्रम में 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में अतिथियों द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये।
अंत में उप निदेशक (मत्स्य विस्तार) डॉ दीपिका पालीवाल द्वारा सभी आगुंतकों एवं प्रतिभागियों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम मंच संचालन डॉ शीतल नरुका, सहायक मत्स्य विकास अधिकारी ने किया।