भैंरु चैराहा, भवानीमंडी निवासी शिवनारायण परमार ( सेवानिवृत प्रधानाचार्य ) की धर्मपत्नी श्रीमति प्रेमलता परमार का बुधवार को आकस्मिक निधन हुआ, यह सूचना शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति-मित्र नरेंद्र जैन को जैसे ही मिली, तत्पक्षात नरेंद्र ने पति शिवनारायण व पुत्र नरेंद्र और महावीर को नेत्रदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।
परिजनों की सहमति के उपरांत ज्योति-मित्र नरेंद्र ने संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड़ को सूचना दी, परिवार संग मकर संक्रांति का पर्व मना रहे डॉ. गौड़ को जैसे ही नेत्रदान की सूचना मिली, वे बिना किसी विलंब के सेवा के संकल्प के साथ भवानीमंडी के लिए रवाना हो गए।
देर रात डॉ गौड़ ने शोकाकुल परिवार के सदस्यों के बीच नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया । डॉ गौड़ ने कहा कि,परिजनों ने गमगीन माहौल में दिवंगत माताजी के नेत्रदान का निर्णय लेकर बढ़ा ही साहसिक कार्य किया है,वास्तव में इस प्रकार के कार्य समाज के लिए हमेशा-हमेशा के लिए उदाहरण बन जाते हैं।
परमार परिवार ने कुछ समय के लिए दुःख को परे रख, नेत्रदान करवाकर यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा पर्व वही है, जिसमें किसी अंधेरी ज़िंदगी को रोशनी मिले।
संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा प्रेषित जानकारी के आधार पर भवानीमंडी से यह 152 वां नेत्रदान पर झालावाड़ जिले से 192 वां नेत्रदान सम्पन हुआ है।