उदयपुर। भारत विकास परिषद, मेवाड़ शाखा द्वारा विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस एवं गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन सेंट जोसफ माध्यमिक विद्यालय, न्यू भोपालपुरा एवं राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, अंबेरी में गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के संस्कारों का संचार करना, गुरु-शिष्य परंपरा को सुदृढ़ बनाना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा।
सेंट जोसफ माध्यमिक विद्यालय की संस्थापिका स्वर्गीय मैरी डिसूज़ा जयंती के अवसर पर भारत विकास परिषद मेवाड़ के सदस्यों ने विद्यालय के पाँच प्रतिभावान विद्यार्थियों का उपरणा ओढ़ाकर सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। इसके पश्चात गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सम्मानित विद्यार्थियों ने अपनी शिक्षिकाओं को उपरणा ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। परिषद की ओर से सभी सम्मानित विद्यार्थियों एवं शिक्षिकाओं को स्मृतिचिह्न और प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सह संयोजक सेवा गतिविधि डॉ. जयराज आचार्य ने भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सदैव अपने गुरुजनों के आदर्शों का अनुसरण करने का आह्वान किया।
क्षेत्रीय संयोजक संपर्क गतिविधि संजीव भारद्वाज ने विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्लास्टिक के न्यूनतम उपयोग, गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा दैनिक जीवन में छोटे-छोटे पर्यावरणीय प्रयासों को अपनाने का संदेश दिया।
शाखा के सेवा संयोजक श्रीरत्न मोहता ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित जनसमुदाय को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वयं तथा अपने परिवार और मित्रों को नशामुक्त जीवन अपनाने की शपथ दिलाई।
परिषद की वरिष्ठ सदस्या सुनंदा भारद्वाज ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए संस्था की संस्थापिका स्वर्गीय मैरी डिसूज़ा के योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। विद्यालय के निदेशक क्रिस्टोफर डिसूज़ा एवं प्राचार्य अखिल डिसूज़ा ने भारत विकास परिषद मेवाड़ के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन शाखा संस्कार संयोजक डॉ. योगेश ज्यानी एवं संस्था के चैन शंकर दशोरा ने किया।
इसी क्रम में परिषद की पर्यावरण संयोजिका डॉ. अल्का पालीवाल के निर्देशन में राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, अंबेरी के समीप स्थित पहाड़ी क्षेत्र में परिषद के सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने लगभग 200 सीड्स बॉल फेंककर हरित भविष्य का संदेश दिया। शाखा सचिव एडवोकेट संजय मेहता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी सीड्स बॉल वितरित कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण अभियान से जोड़ा जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता से प्रकृति संरक्षण का जनआंदोलन खड़ा किया जा सके।