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कोटा विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे 'ऑर्गन एवं आई डोनेशन एम्बेसडर', शाइन इंडिया फाउंडेशन से तीन वर्षीय एमओयू

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14 Jul 26
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कोटा विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे 'ऑर्गन एवं आई डोनेशन एम्बेसडर', शाइन इंडिया फाउंडेशन से तीन वर्षीय एमओयू

कोटा। युवा शक्ति को सामाजिक परिवर्तन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कोटा विश्वविद्यालय एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन, कोटा के मध्य सोमवार को तीन वर्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को "ऑर्गन डोनेशन एम्बेसडर" के रूप में तैयार किया जाएगा, जो नेत्रदान, अंगदान, देहदान, रक्तदान, त्वचा दान तथा स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता के संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

एमओयू पर कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद सारस्वत तथा शाइन इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. कुलवंत गौड़ ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर  डॉ. सौरभ दलेला अधिष्ठाता, छात्र कल्याण, कोटा विश्वविद्यालय, डॉ. रीना दाधीच कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष सहित विश्वविद्यालय एवं फाउंडेशन सचिव डॉ संगीता गौड़ उपस्थित रहे।

समझौते के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सभी विभागों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यशालाएं, संगोष्ठियां, ओरिएंटेशन कार्यक्रम, प्रेरक व्याख्यान तथा स्वैच्छिक संकल्प अभियान आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप इंटर्नशिप, फील्ड एक्सपोजर, सामुदायिक सहभागिता, शोध, डॉक्यूमेंटेशन, सोशल मीडिया जनजागरूकता, इवेंट मैनेजमेंट तथा ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता जैसे क्षेत्रों में व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

कुलपति प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद सारस्वत ने कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, मानवीय संवेदनाओं और सेवा भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे युवा शिक्षा के साथ-साथ समाजहित के कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

शाइन इंडिया फाउंडेशन के सचिव डॉ. संगीता गौड़ ने कहा कि फाउंडेशन के अनुभवी चिकित्सक,समाज सेवी एवं विशेषज्ञ विद्यार्थियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सामाजिक जागरूकता के प्रभावी दूत बन सकें और अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान, अंगदान एवं अन्य जनकल्याणकारी अभियानों से जोड़ सकें।

यह एमओयू आगामी तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इसके अंतर्गत दोनों संस्थाएं मिलकर समाजहित, स्वास्थ्य जागरूकता, युवा नेतृत्व विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विविध कार्यक्रमों का संयुक्त रूप से संचालन करेंगी।
 


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