उदयपुर। जनसांख्यकीय अनुपात में स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से एक विचार गोष्ठी का आयोजन श्री शांतिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर सेक्टर 4 हिरनमगरी सभागार में किया गया। कार्यक्रम में नगर के अनेक प्रबुद्ध नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एन. के. सिंह राठौड़ रहे। उन्होंने विषय की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनसांख्यकीय असंतुलन केवल सामाजिक ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय चिंता का विषय है।
मुख्य वक्ता पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य महाप्रबंधक सुनील अग्रवाल ने ओजस्वी एवं तथ्यात्मक उद्बोधन में कहा कि हिन्दू कहलाने के लिए केवल हिंदुस्तान में रहना ही नहीं बल्कि हिंदुस्तान का होना भी आवश्यक है। उन्होंने जनसंख्या अनुपात को अनुकूल बनाए रखने के लिए समाज को जागरूक होने का आह्वान किया तथा वर्तमान समय में धर्मान्तरण एवं लव जिहाद जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त की।
वनवासी कल्याण परिषद की प्रतिनिधि राधिका लड्ढा ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की महत्ता पर प्रभावशाली विचार रखे तथा युवाओं से अपनी जड़ों और मूल्यों को पुनः अपनाने का आग्रह किया।
वक्ता मनीष दलाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि इस समस्या का एक संभावित राजनीतिक समाधान यह हो सकता है कि हिन्दू एवं मुस्लिम वर्ग पर समान रूप से कानून लागू हों, जिससे सभी नागरिकों के लिए समान नियम और अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि ने देश के प्रति समर्पण भाव सामाजिक एकता और सामूहिक प्रयासों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संयोजन कला मेहता द्वारा किया गया तथा मंच संचालन संतोष राठौड़ द्वारा किया गया।