उदयपुर | '60 बसंत वरिष्ठ नागरिक परिषद, उदयपुर' का स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह सोमवार, 27 जुलाई 2026 को अशोक नगर स्थित विज्ञान समिति के सभागार में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री एल.एल. धाकड़ थे। अपने संबोधन में उन्होंने जीवन में खुशी व शांति के लिए जैन धर्म के सिद्धांत — अहिंसा, संयमित जीवन और अपरिग्रह — अपनाने पर जोर दिया और कहा कि हमारी जीवन यात्रा बहुत संक्षिप्त है, इसलिए सादगी व संतोष की भावना आवश्यक है।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ उपस्थित मुख्य अतिथियों तथा पदाधिकारियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन और मंत्रोच्चार से किया गया। गणेश वंदना का सुंदर नृत्य श्रीमती सुनीता शर्मा ने प्रस्तुत किया। इसके पश्चात 'गजानंद थांके रूनक रूनक झालर बाजे...' पर कार्यक्रम का श्री गणेश हुआ।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री महेंद्र कुमार मेहता ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। महासचिव इंजीनियर श्री महावीर प्रसाद जैन ने गत वर्ष के कार्यों की प्रस्तुत रिपोर्ट दी।
समारोह में निम्नलिखित सदस्यों को सम्मानित किया गया:
50 साल की वैवाहिक वर्षगांठ पर: डॉ. देवेंद्र कुमार गुप्ता एवं डॉ. श्रीमती प्रभा रानी गुप्ता।
80 वर्ष पूर्ण करने पर: श्री महेंद्र कुमार मेहता तथा श्री सोहनलाल बया — पगड़ी, शाल और सम्मान पत्र के साथ।
85 वर्ष पूर्ण करने पर: श्री राजेंद्र प्रसाद गुप्ता एवं श्री दलपत सिंह बोलिया।
90 एवं 88 वर्ष पूर्ण करने पर: श्री वेद साहब (90 वर्ष) तथा श्रीमती सुधा वेद (88 वर्ष) का सम्मान।
इस वर्ष विशेष उपलब्धि सम्मान से: श्री महावीर प्रसाद जैन एवं श्रीमती चंद्रकांता यादव।
संस्था के कुनबे में वृद्धि करते हुए नए सदस्यों का 'माला एवं उपरणा' पहनाकर औपचारिक स्वागत किया गया। नए सदस्य हैं:
श्री पुष्कर लाल माली एवं श्रीमती उषा माली
श्री श्रीनिवास राय एवं श्रीमती सिंधु राय
श्री पी.सी. श्रीमाली
इसी बैठक में शहर की अन्य सामाजिक और वरिष्ठ नागरिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी माला एवं उपरणा पहनाकर सम्मानित किया गया।
जुलाई माह में जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगांठ मनाने वाले सदस्यों का भी माला, उपरणा एवं मोमेंटो के साथ सम्मान किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में निम्नलिखित प्रस्तुतियाँ रहीं:
श्रीमती मधु मित्तल एवं श्रीमती पुष्पा धुप्या ने 'जब से हुई है शादी आंखें भर आ जाती हैं...' पर नृत्य प्रस्तुत किया।
श्रीमती सुमन नलवाया ने 'मरजानी झांझर बोल पड़ी...' पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया।
श्रीमती मधु मित्तल एवं श्रीमती चंद्रकांता यादव ने एक लघु नाटिका प्रस्तुत की।
श्रीमती यशोदा पुष्करणा एवं श्री लक्ष्मी लाल पुष्करणा द्वारा 'बरसात का मौसम...' पर युगल नृत्य प्रस्तुत किया गया।
मीडिया प्रभारी प्रोफ़ेसर विमल शर्मा ने पर्यावरण पर स्वरचित कविता प्रस्तुत कर प्रकृति रक्षा का संदेश दिया।
सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का कुशल एवं सफल संचालन श्रीमती वीणा तिवारी ने किया।
समापन में उपस्थित अतिथियों और सदस्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन हुआ। कार्यक्रम का विधिवत समापन प्रीतिभोज के साथ हुआ।