सुप्रीम कोर्ट द्वारा आज आवारा कुत्तों के संबंध में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार:

निराश्रित  श्वानो  को केवल टीकाकरण, नसबंदी एवं डिवॉर्मिंग के बाद ही छोड़ा जाएगा।

जिन श्वानो में रेबीज़ संक्रमण या आक्रामक व्यवहार है, उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा।

खिलाने के लिए निर्धारित फ़ीडिंग ज़ोन बनाए जाएंगे, सड़कों पर खिलाना प्रतिबंधित होगा।

उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी एवं प्रत्येक नगर निगम  को हेल्पलाइन शुरू करनी होगी।

किसी भी गोद लिए गए श्वान  को वापस सड़क पर नहीं छोड़ा जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट सभी राज्यों से चर्चा के बाद राष्ट्रीय नीति तैयार करेगा।

🐾 एनिमल  प्रोटेक्शन  सोसाइटी  की अध्यक्ष डॉ. माला मट्ठा की अपील 🐾
"हम सब से विनम्र निवेदन है कि कृपया पशुओं से नफरत न करें। इन्हें अपनाने और अपने साथ रखने का एक अवसर दें। ये भी हमारी तरह मासूम और संवेदनशील जीव हैं।"