प्रबुद्ध चिंतन प्रकोष्ठ — विज्ञान समिति, उदयपुर के तत्वावधान मे विज्ञान समिति के अध्यक्ष डॉ. महीप भटनागर ने “रेग्युलेटरी पेप्टाइड्स: स्वास्थ्य और बीमारी से सम्बन्ध” विषय पर विस्तृत वार्ता प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि शरीर में परंपरागत रूप से अंत:स्रावी ग्रंथियाँ हार्मोन स्रावित करती हैं जो विभिन्न शारीरिक क्रियाओं का नियमन करती हैं। इसके अतिरिक्त शरीर के अनेक-अंगों में विशिष्ट कोशिकाएँ भी उपस्थित होती हैं जो हार्मोन जैसी प्रोटीन संरचनाएँ बनाती हैं जिन्हें वैज्ञानिकों ने रेग्युलेटरी पेप्टाइड्स नाम दिया है। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 4,000 पेप्टाइड्स शरीर में पहचाने जा चुके हैं। प्रमुख पेप्टाइड्स में वैसोएक्टिव इंटेस्टाइनल पेप्टाइड, गैस्ट्रिन, मोटिलिन, सोमैटोसटैटिन, न्यूरोटेन्सीन आदि शामिल हैं। डॉ. भटनागर ने इन पेप्टाइड्स के जैविक कार्यों, उनके संश्लेषण और वितरण तथा विभिन्न रोगों में उनकी भूमिका के विषय में स्लाइड्स के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।
मीडिया प्रभारी प्रोफ़ेसर विमल शर्मा ने बताया कि चिंतन प्रकोष्ठ संयोजक मुनीष गोयल ने वक्ता का स्वागत करते हुए कार्यक्रम और विषयवस्तु का परिचय दिया। कार्यक्रम में कुलप्रमुख डॉ. के. एल. कोठारी, डॉ. के. एल. तोतावत, इंजी. आर. के. खोखावत, डॉ. आर. के. दशोरा, डॉ. सुजान सिंह, इंजी. एस. सी. के. वेद, शांतिलाल भण्डारी, रेणु भण्डारी, गीता सिंह एवं अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे। धन्यवाद डॉ. आर. के. गर्ग ने प्रेषित किया।