उदयपुर। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि प्रदेश सरकार की अपेक्षा राजस्व लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति है अतः राजस्व लक्ष्य की पूर्णता में कमी स्वीकार्य नही है जो जिले राजस्व उपलब्धि में पिछड़ रहे हैं वे अगस्त माह के लिए दैनिक कार्ययोजना तैयार कर आपसी समन्वय से वांछित लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि राजस्व शाॅर्टफाॅल स्वीकार्य नही है इस संबंध में जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आबकारी आयुक्त विडियों काॅफ्रेंस के माध्यम से विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने विभागीय समीक्षा वीसी में राजस्व, बंदोबस्त, बकाया वसूली, निरोधात्मक गतिविधियों के संबंध में विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक निर्देश प्रदान किए।

राजस्व अर्जन में कमी स्वीकार्य नहीआबकारी आयुक्त ने कहा कि राजस्व अर्जन विभाग की प्राथमिकता है अतः अगस्त माह के लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने राजस्व अर्जन में पिछड़ रहे जिले क्रमशः प्रतापगढ़, करौली, बांसवाड़ा, जयपुर शहर, दौसा, भरतपुर, श्रीगंगानगर, जालोर, धौलपुर को माह के शेष दिनों के लिए दैनिक कार्ययोजना बनाते हुए मदिरा उठाव पर फोकस रखते हुए निरोधात्मक गतिविधियों में वृद्धि के निर्देश प्रदान किए।

इस पर संबंधित जिलों ने दैनिक कार्ययोजना के अनुरूप दुकानवार समीक्षा कर लक्ष्य प्राप्ति की बात कही।अवैध मदिरा पर ठोस व प्रभावी कार्रवाई जरूरीवीसी में प्रदेश में निरोधात्मक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आबकारी आयुक्त ने कहा कि इस माह बाड़मेर व पाली के अतिरिक्त अन्य जिलों में अवैध मदिरा के विरूद्ध प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई नही हुई है।

प्रदेश में शराब की तस्करी में लिप्त बडे वाहनों की धरपकड़ के साथ अवैध मदिरा निर्माण की ईकाइयों पर प्रभावी कार्रवाई कर महत्वपूर्ण श्रेणी के अभियोग की संख्या में वृद्धि करें जिससे राजस्व लीकेज को रोकने में भी सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि मुखबिर तंत्र के माध्यम से हाईवे, होटल्स, रिसोर्ट आदि की निगरानी रखते हुए अवैध मदिरा के भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय पर सख्त कार्रवाई करें।

वीसी में निरोधात्मक गतिविधियों में पिछड़ रहे जिलों क्रमशः सवाई माधापुर, धौलपुर, प्रतापगढ़, टोंक, बीकानेर, अलवर, बंूदी, करौली, श्रीगंगानगर आदि से चर्चा कर संबंधित आबकारी अधिकारियों एवं उपायुक्त ईपीएफ को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।बंदोबस्त पूर्ण करेंआबकारी आयुक्त नमित मेहता ने प्रदेश में 9 कलस्टर में बंदोबस्त से शेष रही 12 मदिरा दुकानों से संबंधित जिलों क्रमशः जैसलमेर, सवाई माधोपुर, बारां, बीकानेर, जयपुर शहर, झालावाड़, कोटा एवं सिरोही के अधिकारियों को संबंधित क्षेत्रों में मदिरा दुकानों का पूर्ण बंदोबस्त सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि बंदोबस्त पूर्ण होने पर राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति में सहायता मिलेगी।वीसी में आबकारी आयुक्त ने कहा कि प्रदेश मंे बकाया वसूली संबंधी लक्ष्य गति देनेे की आवष्यकता है इस संबंध में समस्त जिले संपत्ति अटेच व कुर्की संबंधी पूर्ण विवरण मुख्यालय भिजवाते हुए संबंधित जिलों में नीलामी दिवस तय कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित करें।

इसी क्रम में अधिकतम जिलों में जब्त वाहनों की बडी संख्या है इन वाहनों की नीलामी भी शीघ्र कराना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने विभागीय लक्ष्यों की प्रगति के संबंध में आगामी सप्ताह पुनः समीक्षा की बात कहते हुए वांछित लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।वीसी में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त नीति प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिलेवार लक्ष्य व प्रगति के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इस अवसर पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रशासन अनिल कुमार शर्मा, अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन प्रभा गौतम, वित्तिय सलाहकार सुनिता विजय, उपायुक्त ईपीएफ प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत सहित प्रदेश के समस्त जोन के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, उपायुक्त ईपीएफ, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक, प्रहराधिकारी मौजूद रहे।