उदयपुर। राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद द्वारा आयोजित मेवाड़ दर्शन यात्रा-2026 का समापन एवं अनुभव कार्यक्रम सोमवार को प्रातः 8 बजे कल्याण आश्रम कार्यालय में संपन्न हुआ।
यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सेवा प्रकल्पों, कार्यक्षेत्रों एवं गतिविधियों को निकट से जानने के साथ-साथ जनजाति समाज के बीच चल रहे सेवा कार्यों का अनुभव प्राप्त किया।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. थावरचंद डामोर, प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र प्रकाश पंचोली, प्रदेश संगठन मंत्री जगदीश कुलमी, जिला संघ चालक बिलाड़ा नरपतसिंह तथा सुभेसिंह जांगिड़, भिवाड़ी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
प्रांत छात्रावास प्रमुख शंकर पटेल ने अतिथियों का परिचय करवाया।
कार्यक्रम का संचालन प्रांत सोशल मीडिया प्रमुख नरेन्द्र कुमार ने किया।कार्यकर्ताओं ने साझा किए यात्रा के अनुभवमेवाड़ दर्शन यात्रा में सम्मिलित कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कल्याण आश्रम का सेवा कार्य केवल सामाजिक सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सतत प्रयास है।
यात्रा के दौरान सेवा प्रकल्पों को देखने और कार्यकर्ताओं से संवाद करने से सेवा कार्यों की व्यापकता एवं उसकी आवश्यकता का अनुभव हुआ।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि सेवा कार्यों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलंबन, खेल, सामाजिक जागरण तथा महिला एवं युवा विकास जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे भविष्य में भी कल्याण आश्रम के सेवा कार्यों के साथ तन-मन-धन से खड़े रहेंगे तथा सेवा प्रकल्पों को आगे बढ़ाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कार्यरत है परिषदप्रदेश संगठन मंत्री जगदीश कुलमी ने राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम की कार्यपद्धति और विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी देते हुए कहा कि परिषद का मूल उद्देश्य जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास, आत्मगौरव, स्वावलंबन और सामाजिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि परिषद शिक्षा के क्षेत्र में एकल विद्यालय, संस्कार केंद्र, छात्रावास एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों तक शिक्षा और संस्कार पहुंचाने का कार्य कर रही है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में आरोग्य रक्षक केंद्र, स्वास्थ्य शिविर एवं चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।इसी प्रकार महिला सशक्तीकरण एवं स्वावलंबन के लिए स्व-सहायता समूह, कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगारपरक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
युवाओं में नेतृत्व क्षमता, खेल भावना, राष्ट्रबोध और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करने के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि परिषद का प्रयास है कि जनजाति समाज अपने इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत के प्रति जागरूक रहते हुए आधुनिक शिक्षा एवं विकास के अवसरों से भी जुड़े।
सेवा के माध्यम से समाज में आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना विकसित करना परिषद के कार्य का महत्वपूर्ण पक्ष है।समाज के सहयोग से व्यापक बनेगा सेवा का अभियानप्रदेश अध्यक्ष डॉ. थावरचंद डामोर ने कहा कि सेवा कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है।
जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और स्वावलंबन के क्षेत्र में अभी भी व्यापक कार्य की आवश्यकता है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को सेवा कार्यों को केवल एक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्व और राष्ट्र निर्माण के माध्यम के रूप में देखना चाहिए।
कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता से सेवा प्रकल्पों का विस्तार किया जा सकता है और अधिक से अधिक परिवारों को इनका लाभ पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सेवा, संगठन और समाज जागरण के माध्यम से जनजाति समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उसकी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सुदृढ़ करने का कार्य निरंतर जारी रहेगा।यात्रा से मिला सेवा कार्य को निकट से समझने का अवसरमेवाड़ दर्शन यात्रा का उद्देश्य केवल विभिन्न स्थानों का भ्रमण करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को परिषद के सेवा कार्यों से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना और सेवा की भावना को मजबूत करना रहा।
यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने सेवा प्रकल्पों का अवलोकन किया, स्थानीय कार्यकर्ताओं से संवाद किया तथा समाज के बीच किए जा रहे प्रयासों को समझा।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस यात्रा से उन्हें सेवा कार्यों की वास्तविक आवश्यकता, कार्यकर्ताओं की भूमिका और समाज के सहयोग के महत्व को समझने का अवसर मिला।
यात्रा ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और सेवा कार्यों को अधिक गति देने का संकल्प पैदा किया।