उदयपुर। पाथेय कण संस्थान, जयपुर, विश्व संवाद केन्द्र समिति, उदयपुर एवं रविन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘हस्तीमल व्याख्यानमाला’ का प्रथम व्याख्यान रविवार, 13 सितंबर को अपराह्न 3:30 बजे महाराणा भुपाल चिकित्सालय उदयपुर के परिसर में स्थित नवीन सभागार में आयोजित होगा।

‘हम भारत के लोग’ (पूर्व लोकमंथन) विषयक प्रथम व्याख्यान कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो नन्दकिशोर पाण्डेय करेंगे और मुख्य वक्ता माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ होंगे। मुख्य वक्ता भारतीय समाज के एकात्म भाव, राष्ट्रीय चेतना तथा सांस्कृतिक मूल्यों पर केन्द्रित विचार रखेंगे।

हस्तीमल हिरण की स्मृति में व्याख्यानमाला- पाथेय कण संस्थान के सचिव महेन्द्र सिंहल ने बताया कि ‘हस्तीमल व्याख्यानमाला’ की संकल्पना कीर्तिशेष हस्तीमल हिरण के जीवन मूल्यों से प्रेरित है।

आमेट, राजसमंद में जन्मे हस्तीमल हिरण विद्यार्थी जीवन से ही संघ कार्य से जुड़े और अपना जीवन राष्ट्रकार्य के लिए समर्पित किया।

उन्होंने उदयपुर में लंबे समय तक प्रचारक के रूप में कार्य किया तथा विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए वर्ष 2004 से 2015 तक संघ के अखिल भारतीय सम्पर्क प्रमुख का दायित्व संभाला।

हस्तीमल ने की थी देहदान- अध्ययन, संगठन कार्य, कार्यकर्ताओं के साथ आत्मीय संबंध तथा समाज के प्रति सेवा भाव उनके जीवन की प्रमुख विशेषताएं रहीं।

उन्होंने अपने 75वें जन्मदिवस पर नेत्रदान एवं देहदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के पश्चात उनके नेत्र तथा देह चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के लिए आरएनटी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के शरीर रचना विभाग को समर्पित किए गए।

उनकी इसी सेवा एवं समर्पण की भावना को समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से व्याख्यानमाला का आयोजन किया जा रहा है।

महर्षि दधीचि देहदान सम्मान- रविन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय उदयपुर के प्राचार्य डॉ राहुल जैन ने बताया कि कार्यक्रम में महर्षि दधीचि देहदान सम्मान समारोह के अंतर्गत 2025-26 में देहदान कर चुके दिवंगत व्यक्तियों के परिवारजनों का अभिनंदन किया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा एवं मानव कल्याण के लिए देहदान का संकल्प लेकर समाज के समक्ष त्याग और सेवा का उदाहरण प्रस्तुत करने वाले देहदानियों के योगदान को स्मरण करते हुए उनके परिजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी।

महर्षि दधीचि की त्याग परंपरा से प्रेरित यह सम्मान समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सेवा, समर्पण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश देगा।

संविधान चित्र प्रदर्शनी एवं साहित्य केन्द्र - कार्यक्रम स्थल पर भारतीय संविधान की मूल प्रति में सम्मिलित 22 चित्रों पर आधारित विशेष चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें श्रीराम, श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, विक्रमादित्य, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोबिंद सिंह, महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, नालंदा, वैदिक गुरुकुल तथा मोहनजोदड़ो की मोहरों सहित भारतीय इतिहास एवं संस्कृति से जुड़े चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे।

इसके साथ ही 100 से अधिक लेखकों की पुस्तकों का साहित्य केन्द्र एवं पठन केन्द्र भी उपलब्ध रहेगा।

कार्यक्रम में पाथेय कण संस्थान के प्रबंध संपादक ओमप्रकाश, विश्व संवाद केन्द्र समिति उदयपुर के अध्यक्ष कमल प्रकाश रोहिला, सचिव प्रवीण कोटिया, डॉ सुनील शर्मा सहित शिक्षाविद्, चिकित्सक, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रबुद्धजन, युवा एवं विद्यार्थी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम संयोजक विकास छाजेड़ ने बताया कि आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। व्यवस्थाओं को 35 विभागों में विभाजित किया गया है और निर्धारित दायित्वों के अनुसार कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उदयपुर के प्रमुख विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण संस्थानों में आमंत्रण पत्र पहुंचाए गए हैं।