उदयपुर । महाराणा प्रताप का जीवन और उनका शासनकाल गुड गवर्नेंस, वित्त प्रबंधन, उपलब्ध संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, मानव संसाधन के प्रभावी संयोजन, उत्तम नगरीय आयोजना तथा जल एवं प्राकृतिक संसाधनों के प्रबन्धन का प्रेरक उदाहरण है।

इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट के विद्यार्थियों को प्रताप से प्रेरणा लेनी चाहिए।यह विचार आरएसएमएम लिमिटेड की वित्त सलाहकार एवं राजस्थान लेखा सेवा की वरिष्ठ अधिकारी भारती राज ने विद्या भवन पॉलिटेक्निक में आयोजित मेलजोल मेले के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप एक महान सेनानायक ही नहीं वरन विपरीत परिस्थितियों में संगठन, संसाधन, शक्ति के कुशल संयोजक भी थे।

युवाओं को खासकर जेन जी को उनसे राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व, संयम, और जनसरोकार जैसे मूल्यों को सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा खुली आंखों से सपने देखें और उन्हें उपलब्धियों में बदलने के लिए निरंतर परिश्रम करें।

डिजिटल डिस्ट्रैक्शन के वर्तमान दौर में प्रेरक व्यक्तित्वों का अध्ययन ही युवाओं में लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता, संयम, त्याग, ईमानदारी और जिम्मेदारी की भावना विकसित कर सकता है।कार्यक्रम में विद्या भवन पॉलिटेक्निक एवं मीरा गर्ल्स कॉलेज के विद्यार्थियों ने ‘दिवेर विजय’ पर आधारित प्रभावी नाट्य प्रस्तुति दी।

गीत, संवाद, अभिनय और नृत्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने महाराणा प्रताप के संघर्ष तथा दिवेर के ऐतिहासिक प्रसंग को जीवंत कर दिया।

प्रस्तुति में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को भारती राज, यूसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष कोमल सिंह कोठारी तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक गौरी कांत शर्मा, प्राचार्य डॉ अनिल मेहता ने विद्या भवन की ओर से सम्मानित किया।अध्यक्षता करते हुए कोमल सिंह कोठारी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा उन्हें विद्या भवन के उद्देश्यों, पिचानवे वर्षों से निरंतर चली आ रही शैक्षणिक परंपरा और उपलब्धियों से परिचित कराया।प्राचार्य डॉ. अनिल मेहता ने कहा कि प्रताप का जीवन संघर्ष के साथ-साथ समाज जुड़ाव और समन्वय से भी जुड़ा रहा।

विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद और मेलजोल बढ़ाने तथा उन्हें देश की तकनीकी प्रगति में सहभागी बनाने की भावना विकसित करनी चाहिए।

मेलजोल मेले का भी यही उद्देश्य है।कार्यक्रम संयोजक प्रकाश सुंदरम के निर्देशन में गीत एवं नृत्य से सजी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं।

विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों द्वारा लगाए गए खान-पान, खेल एवं मनोरंजन के स्टॉल पर भी बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही।