क्या आपको मालूम है की यह जो A4 साइज का पेपर है इसको बनाने में कितना पानी खर्च होता है? आप जब चॉकलेट, स्मार्टफोन, टी-शर्ट, साड़ी साड़ी, जींस खरीदते हैं तो कितना पानी अपने साथ ले आते हैं जो हमको दिखता नहीं परंतु इन्हें बनाने में खर्च होता है।
एक A4 साइज के पेपर को बनाने में 10 लीटर पानी अर्थात ₹200 का पानी खर्च हो जाता है और कई बार हम ऐसे ही फाड़ कर फेंक देते हैं।
यह बात वरिष्ठ जल मित्र डॉ पी सी जैन ने हैप्पी होम सीनियर सेकेंडरी स्कूल के चयनित "जल दूत -नशा दूत अभियान" में चयनित विद्यार्थियों को कही।
एक साड़ी बनाने में 5000 लीटर पानी खर्च होता है और अगर किसी के पास 20 भी साड़ी हो तो एक लाख लीटर पानी अर्थात 20 लाख रुपए का रुपए का जल उसकी अलमारी में संग्रहित हो जाता है ।
1 किलो चॉकलेट में 17500 लीटर, एक स्मार्टफोन में 12500 लीटर, एक टी शर्ट में 2200 लीटर खर्च होता है जो हमें नहीं दिखता। इस अदृश्य जल को बचाने के लिए हमें इन सब को इनका सीमित उपयोग करना है होगा तभी हम भावी पीढ़ी के लिए शुद्ध जल बचा सकेंगे।
"नशा दूत " अभी से नशे को ना करना और नशावान का नशा छुड़ाने में सहयोग करें।
वर्षा काल में और दैनिक जीवन में पानी को बढ़ाने और बचाने के तरह-तरह के उपाय डॉक्टर पी सी जैन ने अपने लैपटॉप पर दिखाये।
गायत्री , प्रियांशी , निकिता, पिंकी , नीना ,भूमिका ,मधुबाला, सोनिया ,शिवानी ,अनुष्का छात्राएं "जल दूत -नशा दूत" बनी। स्वागत डॉक्टर सुषमा अरोड़ा डायरेक्टर ने किया और संचालन प्रभारी दीप्ति सोलंकी ने किया।