कुराबड़। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ द्वारा संचालित राजस्थान विद्यापीठ महाविद्यालय एवं महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल, बेमला-कुराबड़ में जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ कुल का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। माननीय कुलाधिपति एवं कुल प्रमुख के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था गीत से हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुराबड़ यूनिट की प्रशासक डॉ. वर्तिका गुर्जर थीं। अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मांगीलाल जनवा ने की। विशिष्ट अतिथि विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुलदीप आमेटा एवं वरिष्ठ अध्यापक रामेश्वर लाल मेघवाल रहे।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कुणाल आमेटा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके बाद महाविद्यालय की छात्राओं खुशी कुंवर एवं सपना कुंवर ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि डॉ. वर्तिका गुर्जर ने कहा कि जनार्दन राय नागर साहब की दूरदर्शिता से वर्ष 1937 में मात्र तीन रुपये और एक लालटेन से सायंकालीन पाठशाला के रूप में शुरू हुई यह संस्था आज पूरे राजस्थान में जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
उन्होंने कहा कि जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ कुल के कुल प्रमुख एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्रीयुत भंवर लाल गुर्जर अपने अथक प्रयासों से संस्थान की स्थापना के समय की मूल भावना और सोच को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ. वर्तिका गुर्जर ने श्रीयुत भंवर लाल गुर्जर का संदेश भी पढ़कर सुनाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मांगीलाल जनवा ने संस्थान की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हमें इस गौरवशाली संस्थान से जुड़ने का अवसर मिला है।
विशिष्ट अतिथि कुलदीप आमेटा ने कहा कि स्थापना के समय बोया गया शिक्षा का बीज आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है और हम सभी इस गौरवशाली यात्रा का हिस्सा हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. निर्मला सालवी ने किया। इस अवसर पर अर्पित सिंह, ज्योति आमेटा, गायत्री आमेटा, कमला शंकर मेघवाल, श्रद्धा आमेटा, अंजली लोहार, सुरेंद्र सिंह, अजीत सिंह, पवन कुंवर सहित महाविद्यालय एवं विद्यालय के शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।