उदयपुर। संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में संस्कृत भारती द्वारा आयोजित संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाने की दिशा में अभिनव पहल करते हुए ‘पत्राचार द्वारा संस्कृत अभियान’ प्रारंभ किया गया। अभियान के माध्यम से महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रतिष्ठित, प्रबुद्ध एवं समाजसेवी महानुभावों को संस्कृत के प्रचार-प्रसार और जनजागरण से जोड़ा गया।
अभियान का उद्देश्य संस्कृत को केवल विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित न रखते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक संस्कृत संवाद एवं संस्कृत संस्कार की पहुँच सुनिश्चित करना है। इसी भावना के साथ संस्कृत प्रेमियों एवं विशिष्ट नागरिकों को पत्र प्रेषित कर उनसे संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और व्यवहार में प्रयोग के लिए सहभागिता का आह्वान किया गया।
इस अभियान से संस्कृत संभागीय शिक्षा अधिकारी श्री भगवती शंकर व्यास, बाल चिकित्सक डॉ. राजेश मलिक, प्रो सीमा मलिक, प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा, पूर्व शिक्षा एवं समाज समाज के शिक्षा विद चौसर लाल कछारा , पुूर्व संयुक्त निर्देशक भरत कुमार मेहता, रमेश महेश्वरी, तरुण कुमार दाधीच , पुूर्व शिक्षा अधिकारी खेल शंकर व्यास आदि सामाजिक क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित महानुभाव जुड़े।
अभियान के अंतर्गत प्रबुद्धजनों से संस्कृत के प्रति अपने अनुभव, विचार एवं संदेश साझा करने का आग्रह भी किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की स्वतंत्र निदेशक अलका मुंदडा को भी इस अभियान से जोड़ा गया।
संस्कृत भारती के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, चिंतन, संस्कृति और संस्कार की अक्षय धरोहर है। पत्राचार के माध्यम से संस्कृत अभियान का उद्देश्य लोगों को संस्कृत से भावनात्मक एवं आत्मीय रूप से जोड़ना तथा दैनिक जीवन में संस्कृत के सहज प्रयोग के लिए प्रेरित करना है।
संस्कृत सप्ताह के विविध आयोजनों के क्रम में प्रारंभ किया गया यह अभियान ‘संस्कृत से समाज—समाज से संस्कृत’ की भावना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभियान से जुड़े प्रबुद्धजनों ने संस्कृत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए अपने स्तर पर सहयोग एवं सहभागिता का विश्वास दिलाया।
संस्कृत भारती का यह प्रयास संस्कृत को मंच और पाठ्यक्रम से आगे बढ़ाकर समाज के संवाद, संस्कार और जीवन का हिस्सा बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
इस अवसर पर संस्कृत भारती से महानगर मंत्री नरेंद्र शर्मा कार्यक्रम संयोजक श्रीयांश कंसारा सह संयोजक कुलदीप जोशी, डॉ रेनू पालीवाल, डॉ यज्ञ आमेटा, संजय शांडिल्य, दुष्यंत नगदा ,चैन शंकर दशोरा, भूपेंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।