जयपुर। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा ‘‘आत्महत्या के प्रति सोच में परिवर्तन’’ विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा एक ऐसे सहयोगी एवं संवेदनशील समाज के निर्माण का संदेश देना था, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति अपनी भावनाओं को साझा कर सके और आवश्यक सहायता प्राप्त कर सके।कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेरणा पुरी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया।
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य एवं विद्यार्थियों के कल्याण से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रेरणा प्रदान की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. तेजेंद्र कौर उपस्थित रहीं।
उन्होंने अपने प्रेरणादायी विचारों एवं अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. चंद्राणी सेन नें सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. ज्योति नें किया। कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता एवं लघु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमे पोस्टर में प्रथम सुरभि, द्वितीय जानिशा व तृतीया वंशिका को पुरस्कार दिया गया।
भाषण प्रतियोगिता में प्रथम आइशा, द्वितीय आशी व तृतीया आदित्य को पुरस्कार दिया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक सहयोग एवं आत्महत्या रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रचनात्मक माध्यमों से प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में राजस्थान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट था कि ‘‘हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है, हर कहानी मायने रखती है और सहायता के लिए हमेशा रास्ते उपलब्ध हैं।